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Chanakya Niti: इन दो गुणों से दुश्मन भी मित्र बन जाता है, आप भी जानें इन गुणों के बारे में

Written by Yuvraj vyas

Chanakya Niti Hindi: चाणक्य की शिक्षाएं व्यक्ति को सफल और श्रेष्ठ बनने के लिए प्रेरित करती हैं. आचार्य चाणक्य एक योग्य शिक्षक होने के साथ साथ एक कुशल अर्थशास्त्री भी थे. चाणक्य की शिक्षाओं में मानव कल्याण की भावना निहित है. इसलिए चाणक्य की चाणक्य नीति को आज भी लोग पसंद करते हैं और नित चाणक्य नीति का अध्ययन करते हैं.

चाणक्य नीति का जो भी अध्ययन करता है वह जीवन जीने की कला को सीख लेता है. चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को जीवन में यदि सफल होना है तो कुछ बातों को अपने जीवन में उतार लेना चाहिए. चाणक्य के अनुसार इन दो गुणों से व्यक्ति अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है. इन दो गुणों से पूर्ण व्यक्ति जीवन में सफलताएं प्राप्त करता है और समाज में ऐसे लोगों को सराहना प्राप्त होती है.

विनम्रता को अपनाएं
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को विनम्र रहना चाहिए. विनम्रता से युक्त व्यक्ति सभी का प्रिय होता है. ऐसे लोग समाज में सम्मान प्राप्त करते हैं. विनम्र व्यक्ति क्रोध से मुक्त होता है. जो व्यक्ति क्रोध पर काबू पा लेता है वह हर कार्य को धैर्य के साथ करता है और उसमें सफलता प्राप्त करता है. क्रोध में व्यक्ति अच्छे और बुरे का भेद नहीं कर पाता है. इसलिए क्रोध को समाप्त करने के लिए व्यक्ति को विनम्रता को अपनाना चाहिए.

सत्य बोलने वाला व्यक्ति कष्ट से दूर रहता है
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को किसी भी परिस्थिति में झूठ नहीं बोलना चाहिए. झूठ बोलने की प्रवृत्ति व्यक्ति की प्रतिभा का नाश करती है. झूठ बोलने वाला व्यक्ति समाज में सम्मान से वंचित रहता है. ऐसे लोगों से समझदार व्यक्ति दूरी बनाकर चलते हैं, क्योंकि झूठ बोलने वाले व्यक्ति का कोई भी भरोसा नहीं करता है. इसलिए व्यक्ति को झूठ से दूर रहना चाहिए. सच बोलने वाले व्यक्ति को सम्मान प्राप्त होता है.

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Yuvraj vyas