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वैक्सीन के लिए Cowin पर रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं, सरकार ने बदला नियम

Written by Yuvraj vyas
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देश में कोरोना की दूसरी लहर लगातार कमजोर पड़ रही है लेकिन अभी भी खतरा बरकरार है। कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन को सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है। इसको लेकर देश भर में कोरोना टीकाकरण चलाया जा रहा है। देश में सभी वर्ग के लोग वैक्सीन आसानी से लगवा सकें इसके लिए सरकार ने टीकाकरण के नियमों को और आसान बना दिया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सुविधा देते हुए कोविन(CoWin) पर रजिस्‍ट्रेशन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब कोई भी शख्स अपने नजदीकी टीकाकरण केंद्र(वैक्सीनेशन सेंटर) जाकर केंद्र पर ही रजिस्ट्रेशन करवा सकता है और अपनी वैक्सीन लगवा सकता है।

केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि कोरोना वैक्‍सीन देश के हर कोने तक पहुंचाने के लिए हेल्थ वर्कर्स और आशा कार्यकर्ता ग्रामीण इलाके और शहरी स्लम्स इलाकों में जाएंगी और लोगों को ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक करेंगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 13 जून तक कोविन पर रजिस्टर्ड 28.36 करोड़ लोगों में से 16.45 करोड़ यानी 58% लोग ऐसे थे, जिन्होंने ऑन साइट रजिस्ट्रेशन करवाया था. इतना ही नहीं, 13 जून तक कोविन पर दर्ज कुल 24.84 करोड़ डोज में से 19.84 करोड़ यानी 80% डोज ऑन साइट या वॉक इन वैक्सीनेशन के माध्यम से दिए गए हैं.

देश में 16 जनवरी को कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू हुआ था. तब से लेकर अब तक 151 दिन हो चुके हैं. इतने दिनों में 26.17 करोड़ डोज दिए जा चुके हैं. इनमें से 21.24 करोड़ लोगों को एक डोज और 4.92 करोड़ को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है.

23.5 करोड़ को वैक्सीन लगी, मौतें सिर्फ 0.0002%
मंगलवार को ही देश में वैक्सीन से पहली मौत की पुष्टि हुई थी. इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से बताया गया है कि 16 जनवरी से 7 जून तक 23.5 करोड़ लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई. इनमें से सिर्फ 0.0002% मौतें हुईं. इस कारण कोरोना से हो रही मौतों के मुकाबले वैक्सीनेशन के बाद मौत का जोखिम न के बराबर है.

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