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लग्‍जरी कारें होंगी महंगी, 3 लाख रुपये तक बढ़ सकते हैं दाम

आने वाले महीनों में लग्‍जरी कारों के दाम बढ़ने के आसार हैं. ऐसी कार बनाने वाली कंपनियां इसके बारे में विचार कर रही हैं. रुपये की कमजोरी ने इनकी इनपुट कॉस्‍ट में इजाफा किया है. इन कार की कीमतों में 60 हजार रुपये से 3 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

सबसे बड़ी लग्‍जरी कार कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने तो अक्टूबर से भारतीय बाजार में कुछ मॉडलों की कीमतें दो फीसदी तक बढ़ाने की घोषणा भी कर दी है. कंपनी ने बताया है कि पिछले छह से सात महीनों में लागत बढ़ी है. रुपये के मुकाबले यूरो महंगा हुआ है. कंपनी ने अभी साफ नहीं किया है कि किन मॉडलों की कीमत में इजाफा होगा.

माना जा रहा है कि कंपनी सी-क्लास, ई-क्लास और जीएलसी की कीमत में 1.5 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी कर सकती है. बढ़ी हुई कीमतें अक्टूबर के पहले हफ्ते से लागू होंगी. मॉडलों के आधार पर वाहनों की कीमत दो फीसदी तक बढ़ाई गई है.

मर्सडीज-बेंज के मॉडलों में सी-क्लास 40 लाख रुपये से शुरू होकर एस-क्लास 1.4 करोड़ रुपये तक जाती है. कंपनी के भारतीय कारोबार के एमडी और सीईओ मार्टिन श्वेंक ने कहा कि साल की शुरुआत से करेंसी में कमजोरी जारी है. इसी के साथ लागत में तेज बढ़ोतरी हुई है. इससे हमारे मुनाफे पर दबाव बढ़ा है. इन लागतों के प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी के पास कुछ ही विकल्प हैं. कंपनी को थोड़ा ही सही, लेकिन कीमतों को एडजस्‍ट करना होगा ताकि कारोबार को व्यावहारिक रखा जा सके.

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के वीपी (सेल्‍स एंड मार्केटिंग) संतोष अय्यर ने कहा कि पिछले 6-7 महीनों में करेंसी में काफी ज्‍यादा अस्थिरता रही है. साथ ही इनपुट कॉस्‍ट भी बढ़ी है. यह चिंता का विषय है. इसने मार्जिन पर दबाव बनाया है.

मर्सिडीज-बेंज की प्रतिद्वंद्वी कंपनियां ऑडी इंडिया और वॉल्‍वो कार्स इंडिया भी इनपुट कॉस्‍ट बढ़ने के कारण कीमतों को बढ़ाने के बारे में सोच रही हैं. मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कीमत में बढ़ोतरी का पहला दौर है. अगले कुछ महीनों में 6-7 फीसदी की वृद्धि हो सकती है. बाजार में मांग पिछले साल के मुकाबले कम है. इसे देखते हुए मूल्‍यवृद्धि धीरे-धीरे की जा सकती है. 1 यूरो का एक्‍सचेंज रेट अप्रैल में 83 रुपये से बढ़कर सितंबर में 88 रुपये हो गया है.

इस कैलेंडर वर्ष के आठ महीनों में पहले ही लग्‍जरी कार मार्केट आधा हो गया है. फेस्टिव सीजन में कुछ रिकवरी की उम्‍मीद है. 2020 में ग्रोथ में 40 फीसदी की कमी आने की आशंका है.

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Yuvraj vyas