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रिश्तों में दरार : महिलाएं कर रहीं अपनों का दाह संस्कार

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घर में पुरुषों के नहीं होने पर महिलाएं परिजन का शव लेकर नोएडा के सेक्टर-94 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने आ रही है और अंजान लोगों से अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कराने को मजबूर है। श्मशान घाट में शुक्रवार को एक वाक्या ऐसा ही सामने आया।


शुक्रवार को नोएडा निवासी महिला 8 वर्षीय बेटी को लेकर पति का अंतिम संस्कार करने पहुंची। महिला ने बताया कि उसके ससुर अमेरिका में डॉक्टर हैं। पति की कोरोना से मौत हो गई है। हालांकि महिला ने अपने बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी। श्मशान घाट संचालन की टीम के सदस्यों ने औपचारिकता पूरी कराई।

महिला के आग्रह पर टीम के एक सदस्य ने चिता को अग्नि दी। वहीं, दोपहर में एक महिला परिजन का अंतिम संस्कार करने पहुंची। महिला ने खुद चिता को मुखाग्नि दी। टीम के सदस्यों ने बताया कि गत एक सप्ताह से रोजाना कई महिलाएं अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए आ रही है।

कोरोना संक्रमित होने के कारण मौत के मुंह में जाने वाले लोगों के शवों को सीधे अस्पताल से श्मशान घाट ले जाया जा रहा है। ऐसे में खासतौर से घर की महिलाएं अपनों का अंतिम समय भी चेहरा नहीं देख पा रही हैं। इससे पहले अस्पताल में कोरोना संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए महिलाएं वहां तक भी नहीं जा पा रही हैं। अस्पताल से सीधे शव श्मशान घाट तक एंबुलेंस के जरिए ले जाया जाता है।

अंतिम निवास की व्यवस्था में लगे अधिकारियों ने बताया कि पिछले 10-15 दिन में महिलाएं अधिक संख्या में आ रही हैं। श्मशान घाट में पहुंचकर अपनों के शवों को चिता स्थल पर रख लकड़ी रखने से लेकर उनको मुखागिनी देने का भी काम कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुखागिनी वे महिलाएं दे रही हैं जिनके भाई, पति शहर या देश से बाहर हैं और वो किसी कारणवश नहीं आ सके। ऐसे में आदमियों की जिम्मेदारियों को महिलाएं निभा रही हैं।

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Yuvraj vyas

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