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ये 6 राज्य बने भारत के लिए ख़तरे का निशान, लगातार हो रही मौतें अब भी सरकार और एक्सपर्ट्स के लिए चिंता

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भले ही भारत कोरोना की दूसरी लहर से उबरता नजर आ रहा है, लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत 6 राज्य अभी भी देश में सिरदर्द बने हुए हैं. देश में पिछले कुछ समय से कोरोना के नए मामलों में कमी आई है, लेकिन लगातार हो रही मौतें अभी भी सरकार और विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में 70 फीसदी मौतें अकेले महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज की गई हैं.

देश में बुधवार को हुई 3207 मौतों में से सबसे ज्यादा मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। बुधवार को दर्ज की गई 3,207 नई मौतों में महाराष्ट्र से 854, तमिलनाडु से 490, कर्नाटक से 464, केरल से 194, उत्तर प्रदेश से 175, पश्चिम बंगाल से 137 और आंध्र प्रदेश से 104 मौतें शामिल हैं। मंगलवार को 36 दिनों के बाद, भारत में दैनिक मौतें 3,000 अंक से नीचे दर्ज की गईं, लेकिन बुधवार को 3,207 और मौतें दर्ज की गईं, जिससे भारत में कोरोना से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 3,35,102 हो गई।

कोरोना की सबसे ज्यादा तबाही महाराष्ट्र में ही देखने को मिली है. देश में अब तक कुल 3,35,102 मौतें हुई हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 96,198, कर्नाटक में 29,554, तमिलनाडु में 24,722, दिल्ली में 24,299, उत्तर प्रदेश में 20,672, पश्चिम बंगाल में 15,678, पंजाब में 14,649 और छत्तीसगढ़ में 13,077 मौतें हुई हैं। .

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,32,788 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमण के मामलों की कुल संख्या 2,83,07,832 हो गई है जबकि संक्रमण की दैनिक दर घटकर 6.57 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक लगातार दूसरे दिन इलाजरत मरीजों की संख्या 20 लाख से नीचे दर्ज की गई है. मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार को COVID-19 के लिए 20,19,773 नमूनों का परीक्षण किया गया। देश में अब तक कुल 35,00,57,330 नमूनों का परीक्षण किया गया है, जबकि संक्रमण की दैनिक दर 6.57 प्रतिशत दर्ज की गई है।

संक्रमण दर 10 प्रतिशत से कम. संक्रमण का दर दर गिरकर 8.21 प्रतिशत रेजी है। इलाज करा रहे इस महामारी के मरीजों की संख्या घटकर 17,93,645 रह गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 6.34 प्रतिशत है जबकि कोविड -19 से उबरने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 92.48 प्रतिशत है। 24 में संचार के लिए 1,01,875 की कमीं आई

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Pradhyumna vyas