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महाराष्ट्र: पुणे के 1715 सेक्स वर्क्स को अभी तक सीएम राहत कोष से नहीं मिली मदद, 9 महीने से इंतजार

Written by Yuvraj vyas
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पुणे की 1,715 यौनकर्मियों ने सीएम उद्धव ठाकरे से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. दरअसल, कोरोना की पहली लहर के बाद 21 सितंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि शहर के सेक्स वर्क्स पर पड़े कोविड के असर को देखते हुए राहत राशि के तौर पर 15,000 रुपये दिए जाएं. इसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से डिप्टी कलेक्टर के खाते में 11 करोड़ 26 लाख 65 हजार की राशि ट्रांसफर की गई. सेक्स वर्कर्स का आरोप है कि 9 महीने बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है.

लेकिन सेक्स वर्क्स के लिए काम करने वाले एनजीओ ‘सहेली संघ’ के कार्यकारी निदेशक तेजस्वी सेवकरी का कहना है कि कई सेक्स वर्क ऐसे हैं जिन्हें राज्य की ओर से दी गई राहत राशि नहीं मिली है. तेजस्वी ने कहा कि उनके संगठन ने अपने स्तर पर सर्वे किया था कि कितनी महिलाओं को इस राज्य योजना का लाभ मिला है. इस सर्वे में कई ऐसे सेक्स वर्क सामने आए हैं जिन्हें सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिला है.

प्रशासन ने अब तक नहीं दिया कोई जवाब

तेजस्वी सेवकरी ने कहा कि सहेली संघ और नेशनल नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्कर्स ने मिलकर राज्य सरकार द्वारा सेक्स वर्क्स के लिए दी जाने वाली राशि की अपील की थी. इसको लेकर हमने कलेक्टर से भी अपील की है। अगर कलेक्टर की ओर से कोई जवाब नहीं आया तो हम कलेक्टर कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे.

7 हजार में से 1765 महिलाओं को मिली राशि

पात्र 7,011 महिलाओं को जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण विभाग के माध्यम से दी जाने वाली 15000 हजार की सहायता राशि प्राप्त होनी थी, लेकिन अभी तक 2 करोड़ 46 हजार 75,000 की राशि ही वितरित की गई है यानी केवल 1765 महिलाओं को ही राशि मिली है. वहीं, बाल विकास विभाग के अनुसार दूसरे चरण में 3,531 महिलाओं को 5 करोड़ 29 लाख 65 हजार मिले, यानी दो चरणों में 7 करोड़ 95 लाख रुपये का वितरण किया गया है.

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