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भगोड़े मेहुल चोकसी की पहली तस्वीर आई सामने, डोमिनिका की जेल में हाथ पर हैं चोट के निशान!

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पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का आरोपी और भगोड़ा मेहुल चौकसी की डोमिनिका जेल से पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में मेहुल चोकसी को लोहे के गेट के पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है। लोहे का गेट कुछ वैसा ही दिख रहा है जैसे लॉक-अप रूम दिखता है। मेहुल चोकसी डोमिनिका में क्रिमिनिल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (CID) की कस्टडी में है। सीआईडी ने उसे चार दिनों पहले गिरफ्तार किया गया था।

मेहुल चोकसी की कुछ और तस्वीर सामने आई है। एक तस्वीर में वो अपने हाथ को दरवाजे से बाहर निकालकर दिखाता हुआ नजर आ रहा है। उसके हाथ पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे हैं। मेहुल चोकसी ने आरोप लगाया है कि उसके साथ जेल में मारपीट की गई है। साक्ष्य के रूप में वो अपने हाथ पर लगे चोट के निशान को दिखा रहा है।

मेहुल चोकसी के वकील ने दावा किया था कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ से जबरन अगवा किया गया. उन्हें पीटा गया और उन्हें डोमिनिका ले जाया गया. भारत में मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कथित तौर पर उनके साथ ‘टॉर्चर’ किए जाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था, “जब तक पता नहीं चलता कि वो डोमिनिका कैसे पहुंचे, तब तक कोई भी कयास नहीं लगाने चाहिए. लेकिन मेरी समझ कहती है कि वो अपनी मर्जी से डोमिनिका नहीं पहुंचे हैं. इसलिए मुझे इसमें गड़बड़ दिख रही हैं. कोई इस बात को नहीं देख रहा है कि आखिर वो डोमिनिका कैसे पहुंचे?”

एंटीगुआ और बारबुडा पुलिस प्रमुख एटली रॉडने ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी का पुलिस ने अपहरण किया था। उन्होंने कहा, हमारे पास कोई सूचना या संकेत नहीं है कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ से जबरन हटाया गया था। बता दें कि 25 मई को चोकसी कथित तौर पर एंटीगुआ से लापता हो गया था, जिसके बाद उसे डोमिनिका से हिरासत में लिया गया।

इस पूरे मामले पर मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा, “मेरे क्लाइंट एक इंसान हैं, कोई मोहरा नहीं है कि उन्हें कोई भी अपनी मर्जी से शतरंज के खेल की तरह घुमाते रहे. मेरा स्टैंड सही साबित हुआ है. मैं एंटीगुआ की यूनाइटेड प्रोग्रेसिव पार्टी के बयान की प्रशंसा करता हूं कि एंटीगुआ को अपने हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “मेरे क्लाइंट मेहुल चोकसी एंटीगुआ के नागरिक हैं और एंटीगुआ के संविधान के तहत सभी कानून संरक्षण के हकदार भी हैं.”

दिल्ली से डोमिनिका भेजा गया विमान
इसी बीच 28 मई को डोमिनिका के डगलस चार्ल्स एयरपोर्ट पर स्थानीय एयरपोर्ट पर दिल्ली से रवाना हुआ एक विमान लैंड हुआ. इसके बाद से ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि क्या मेहुल चोकसी को लेने के लिए विमान भेजा गया है? हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारी डोमिनिका से सीधे उसे भारत लाने की कोशिश में हैं.

मेहुल के वकील ने दावा किया है कि उसके शरीर पर ‘टॉर्चर के निशान’ भी थे। वकील ने यह भी आरोप लगाया है कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ और बरबूडा से उसकी मर्जी के बिना जबरन उठाया गया था। भारत में चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि डोमिनिका में हमारे वकीलों को मेहुल चोकसी से सिर्फ दो मिनट ही मिलने दिया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें एंटीगुआ के जॉली हार्बर से उन्हें जबरन उठाकर डोमिनिका लाया गया था।

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Pradhyumna vyas