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दिल्ली में मौसम ने ली खुशनुमा करवट, कई जगहों पर आज आ सकती है आंधी और बारिश

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दिल वालों की दिल्ली में गुरुवार की सुबह का आगाज सुहानी बूंदाबांदी और खुशगवार मौसम के साथ हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार भले ही बुधवार रात तक बारिश नहीं हुई, लेकिन आज यानी गुरुवार सुबह ही दिल्ली एनसीआर में मौसम का रुख बदला है। सुबह से ही बारिश और आंधी के बाद से राजधानी का मौसम सुहाना हो गया है। मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। कई स्थानों पर अब भी बादल छाए हुए हैं। हालांकि कई जगहों पर सूरज दिखने लगा है, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान मौसम के सामान्य तापमान से 4 डिग्री कम 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आईएमडी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ”अगले 2 घंटे में दिल्ली, पलवल, होडल, मानेसर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, तिजारा, बुलंदशहर, गुलावठी, सियाना, जट्टारी, खुर्जा, अतरौली, अलीगढ़, सादाबाद, खैर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, पिलखुआ, हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों  में आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश आने की संभावना है।

आईएमडी ने कहा कि शहर में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पारा 39 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे 56 फीसदी सापेक्षिक आर्द्रता दर्ज की थी।

किन राज्यों में बारिश होने की संभावना

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, बिहार, बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश का अनुमान है।

मॉनसून के 31 मई तक केरल पहुंचने की संभावना

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण पश्चिम मॉनसून के 31 मई तक केरल पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। आईएमडी की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि इस वर्ष दक्षिण पश्चिम मॉनसून केरल में 31 मई को पहुंच सकता है, हालांकि इस अनुमान में चार दिन कम या ज्यादा हो सकते हैं। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 22 मई के आसपास अंडमान सागर में पहुंचेगा। अरब सागर के ऊपर चक्रवात बनने के आसार हैं। ऐसे में सागर के ऊपर भूमध्यरेखा से गुजरने वाली दक्षिण पछुआ हवाएं तेज हो गई हैं।

गौरतलब है कि जैसे-जैसे मॉनसून उत्तर की ओर बढ़ता है, क्षेत्रों में चिलचिलाती गर्मी के तापमान से राहत का अनुभव मिलता है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक जून को लगभग सात दिनों के मानक विचल के साथ केरल में आ जाता है। आईएमडी 2005 से केरल में मॉनसून के आरंभ की तारीख के लिए संक्रियात्मक पूवार्नुमान जारी कर रहा है।

भारतीय मॉनसून क्षेत्र में, मॉनसून की शुरुआती बारिश दक्षिण अंडमान सागर से होती है और उसकी बाद मॉनसूनी हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा में बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ती हैं। मॉनसून की नई सामान्य तारीखों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 मई के आसपास अंडमान सागर में पहुंचेगा। विभाग ने इस वर्ष मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान जताया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले 16 वर्षों (2005-2020) के दौरान केरल में मॉनसून के आरंभ की तारीख का आईएमडी के संक्रियात्मक पूवार्नुमान वर्ष 2015 को छोड़कर सही साबित हुआ है। केरल के ऊपर 2021 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आरंभ के लिए पूवार्नुमान की बात करें तो इस वर्ष केरल के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आरंभ की तारीख प्लस माइनस चार दिनों की मॉडल त्रुटि के साथ 31 मई होने की संभावना है।

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Pradhyumna vyas