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घर में इस जगह पर कभी न लगाएं पौधे, वरना परिवार हो जाएगा बर्बाद

Written by Yuvraj vyas

घर में लगे पेड़-पौधे या बगीचा, घर के सौन्दर्य में वृद्धि करते हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं। पेड़-पौधों के महत्व और मानव पर पड़ने वाले इनके प्रभाव को देखते हुए वास्तु शास्त्र में इनके उपयोग के सम्बन्ध में कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं। इन नियमों का पालन करके आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सुनिश्चित कर सकते हैं। ऐसा करने पर आप अपने निवास स्थान को सुन्दर बनाने के साथ ही अपनी उन्नति और सुख-समृद्धि के मार्ग भी खोल सकते हैं। वास्तुकार संजय कुड़ी से जानते है पेड़-पौधों के सम्बन्ध में वास्तु शास्त्र के कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांत।

पेड़-पौधे और उनके लिए उचित दिशाएं

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पेड़-पौधों को सही दिशा में लगाया जाए, तो ये आश्चर्यजनक रूप से लाभकारी हो सकते हैं। सूर्य की किरणों और अन्य प्राकृतिक ऊर्जा के प्रभाव के चलते वास्तु शास्त्र में कुछ दिशाएं भारी निर्माण और भारी वस्तुओं को रखने के लिए उपयुक्त होती हैं, तो वही कुछ दिशाएं तुलनात्मक रूप से अधिक हल्की और खाली रखी जाती हैं। दिशाओं के इन्ही गुणों के आधार पर ही हमें घर में पेड़-पौधे लगाने चाहिए।

उदाहरण के लिए सुबह के वक्त पड़ने वाली फायदेमंद पराबैंगनी किरणों का पूरा लाभ मिल सके, इसीलिए उत्तर और पूर्व दिशा में पीपल, बरगद नारियल जैसे भारी, लम्बे व अधिक फैलाव वाले पेड़ लगाने से बचना चाहिए। यहां पर छोटे पौधे लगाए जा सकते हैं। तुलसी का पौधा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाया जा सकता है। उत्तर दिशा में लाल रंग के पौधे नहीं लगाएं। वहीं, दूसरी ओर दक्षिण और पश्चिम दिशाओं में पड़ने वाली हानिकारक अवरक्त किरणों से बचाव के लिए इन दिशाओं में भारी पेड़ लगाए जा सकते हैं। दक्षिण दिशा में नीले रंग के पौधे लगाना शुभ परिणाम प्रदान नहीं करेगा।

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