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घर के मंदिर में इस छोटी सी गलती की वजह से आती है दरिद्रता, आज ही सुधारे

Written by Yuvraj vyas

हम सभी के घर में एक छोटा सा मंदिर अवश्य होता है जिसमें हम पूजा करते हैं अपने इष्ट देव को मनाने के लिए उन्हें नैवेद्य, और फल-फूल अर्पित करते हैं। लेकिन जाने-अनजाने हम कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिससे घर में अशुभता आ सकती है। और कलह की स्थिति भी बन जाती है। जानते हैं क्या हैं वे गलतियां..

पूजा घर में कभी भी खंडित (टूटी) हुई मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। कहते हैं कि मंदिर में खंडित मूर्ति रखने से हमारा ध्यान पूजा से भटकता है, और हम एकाग्र होकर पूजा नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है। पूजा घर में खंडित मूर्तियां रखना शुभ नहींं रहता है। खंडित मूर्तियों को बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पीपल के वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए।

पूजा घर में एक ही देवी देवताओं की एक से अधिक प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए। इससे घर के सदस्यों के बीच कलह उत्पन्न होती है। साथ ही देवी-देवताओं की मूर्ति को कभी भी आमने-सामने मुख करने नहीं रखना चाहिए।

सभी लोग मंदिर में दीपक प्रज्वलित करते हैं,लेकिन अगर दीपक कहीं से थोड़ा सा भी खंडित हो जाए,तो भी उस दीपक से पूजा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

पूजा में फूल अर्पित करने का बहुत महत्व होता है सभी लोग देवी-देवताओं को फूल-माला अर्पित करते हैं, लेकिन फूल-माला चढ़ाने के बाद हटाना भूल जाते हैं, और वे मंदिर में पड़े-पड़े ही सूख जाती हैं। लेकिन यह शुभ नहीं होता है। सुबह के समय चढ़ाए गए फूल और मालाओं को शाम से पहले ही पूजाघर से हटा देना चाहिए।

तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते हैं लेकिन जब किसी कारणवश आप तुलसी नहीं तोड़ सकते हैं तभी बासी पत्तों का उपयोग किया जाना चाहिए। लेकिन कुछ लोग तुलसी के पत्तों को पहले से ही तोड़ कर रख लेते हैं और सूखे हुए तुलसी के पत्ते भगवान को अर्पित करते हैं। ऐसा करना शुभ नहीं होता है।

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Yuvraj vyas