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खुशखबरी! अब भारतीय भी जा सकेंगे यूरोप, इस देश ने कोविशील्ड को दी पहचान recognition

Written by Yuvraj vyas
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कोरोना वायरस का टीका लगवाने के बाद विदेश जाने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर है। यूरोपीय देशों ने अब सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के वैक्सीन कोविशील्ड को मान्यता देना शुरू कर दिया है। इससे भारतीय नागरिकों के लिए यूरोप के दरवाजे खुलने की संभावना बढ़ने लगी है। यूरोप के नीदरलैंड्स ने उन लोगों को यहां आने की इजाजत दे दी है, जिनके पास कोविडशील्ड वैक्सीन है।

नीदरलैंड सरकार ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए अपनी वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है। वेबसाइट में उन टीकों के नाम हैं, जिन्हें सरकार ने मान्यता दी है। इस सूची में भारत में इस्तेमाल हो रहे कोविशील्ड का नाम भी शामिल है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूरोपीय संघ ने अभी तक भारतीय वैक्सीन को मान्यता नहीं दी है।

इन टीकों को मिली पहचान

नीदरलैंड ने अब तक 8 टीकों को मान्यता दी है। जिन यात्रियों को यह टीका लग जाएगा उन्हें अपने देश में आने की अनुमति दी जाएगी। नीदरलैंड्स फाइजर-बायोएनटेक, कॉमिरनेटी, एस्ट्राजेनेका ईयू, वैक्सजेवरिया, जॉनसन एंड जॉनसन, जेनसेन, मॉडर्न (मॉडर्ना स्पाइकवैक्स), एस्ट्राजेनेका-एसके बायो (एस्ट्राजेनेका एसके बायो), वैक्सजेवरिया सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियाज कोविशील्ड, चीन के सिनोफार्म बीआईबीपी और सिनोवैक ने वैक्सीन को मंजूरी दी है। .

कई देशों ने भी दी हरी झंडी

इससे पहले यूरोप के सात देश भी कोविशील्ड को मान्यता दे चुके हैं। कोविशील्ड को स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड और स्पेन में भी मंजूरी दी गई है। भारत ने 27 देशों के यूरोपीय संघ से भारतीयों को यूरोप की यात्रा करने की अनुमति देने पर विचार करने का आग्रह किया है। आपको बता दें कि इससे पहले यूरोप के कई देशों ने भी खून के थक्के जमने के कारण कोविशील्ड के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। लेकिन बाद में जब टेस्ट कराया गया तो खून के थक्के बनने की संभावना कम थी। जिसके बाद धीरे-धीरे कई देशों ने इस प्रतिबंध को हटा दिया।

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