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कोरोना वैक्सीन: डेल्टा और कोरोना वायरस के अन्य रूपों पर कारगर है रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन- स्टडी का दावा

Written by Yuvraj vyas
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कृत्रिम उपग्रह

गैम्लेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी और आरडीआईएफ ने सोमवार को सार्स के नए वेरिएंट के खिलाफ स्पुतनिक वी वैक्सीन के टीके लगाने वाले व्यक्तियों पर शोध किया और पाया कि वैक्सीन का प्रभाव सीरा की गतिविधि को बेअसर कर रहा है। कंपनी ने कहा कि शोध में पाया गया कि जिन लोगों को स्पुतनिक वी वैक्सीन का टीका लगाया गया था, उनमें अल्फा बी.१.१.७ (पहले यूके में पहचाना गया संस्करण), बीटा बी.१.३५१ (पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया), गामा बी.१.१ था। P.1 सहित नए वेरिएंट के खिलाफ प्रोटेक्टिव न्यूट्रलाइजिंग टाइटर्स तैयार किए गए हैं।

दरअसल यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने डेल्टा को सबसे अधिक फैलने वाले COVID-19 वेरिएंट में से एक के रूप में नामित किया है (पारगम्य COVID-19 संस्करण), जिसे “चिंता के प्रकार” के रूप में वर्गीकृत किया गया है। चिंता का प्रकार वायरस के प्रकारों को दिया जाता है जो वैज्ञानिकों का मानना ​​​​है कि अधिक संक्रामक हैं या अधिक गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं। वायरस का पता लगाने वाले टीके, उपचार और परीक्षण भी एक प्रकार की चिंता के खिलाफ कम प्रभावी हो सकते हैं। पहले, सीडीसी डेल्टा वेरिएंट को एक वेरिएंट वायरस मानता था।

वैक्सीन की 38.86 करोड़ से ज्यादा डोज मुहैया कराई

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की 38.86 करोड़ से ज्यादा डोज उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों में वर्तमान में वैक्सीन की 1.54 करोड़ से अधिक खुराकें हैं: स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया। भारत में पिछले 24 घंटे में 37,154 नए मामले सामने आए, एक्टिव केस 4,50,899 पर, रिकवरी रेट बढ़कर 97.22 फीसदी हुआ कल भारत में कोरोना वायरस के लिए 14,32,343 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 43,23,17,813 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं.

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