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किसान संगठनों का ऐलान- 6 फरवरी को दिल्ली-NCR में भी होगा 3 घंटे का चक्का जाम

Written by Pradhyumna vyas
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने किसान आंदोलन को लेकर आजतक से बात की. राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन कभी कमजोर नहीं हुआ, लगातार हमारी लड़ाई जारी है.

किसान नेता, जो दो महीने से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा जमाए हुए हैं, नए कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी पर कानूनों को लागू करने की मांग करते हुए, एक बार फिर 6 फरवरी को गाजीपुर सीमा के मंच से देश भर में राष्ट्रीय घोषणा की गई। और राज्य मार्गों के साथ, वे दिल्ली-एनसीआर में 3 घंटे का पहिया जाम करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट और ‘ट्रैक्टर2ट्विटर’ नाम के एक उपयोगकर्ता को प्रतिबंधित कर दिया गया है. स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि ट्विटर अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई ‘‘सरकारी अधिकारियों के अनुरोध’’ पर की गई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बजट में ‘‘कृषि क्षेत्र के आवंटन को कम कर दिया गया है.’’

किसान आंदोलन 71 वें दिन भी जारी है

गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों पर चल रहे गतिरोध के कारण राजधानी दिल्ली के साथ-साथ गाजीपुर, टीकरी और सिंघू सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 71 वें दिन भी जारी है। कानूनों को निरस्त करने पर अड़े किसानों ने इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद आंदोलन कर रहे किसानों की संख्या में हाल ही में कमी आई थी, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत की भावना के बाद आंदोलन को एक बार फिर बड़ी संख्या में किसानों का समर्थन मिला। । ।

इस बीच, दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सोमवार को कहा कि उन्हें केवल कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की चिंता है और केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र को क्या दिया गया है इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. सिंघू बॉर्डर पर ज्यादातर किसान बजट से अनभिज्ञ हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन स्थल पर इंटरनेट उपलब्ध नहीं है इसलिए उन्हें इसके बारे में कुछ नहीं पता.

हरियाणा के कैथल जिले के निवासी 48 वर्षीय रणधीर सिंह ने कहा, “अभी हमारा लक्ष्य केवल यही है कि तीनों कानून वापस लिए जाएं. केंद्रीय बजट हमारी चिंता का विषय नहीं है.” सिंह के ही गांव के रहने वाले पाला राम ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने मुझे कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं के बारे में बताया, लेकिन वह अलग चीज है, हम इस समय उसके लिए चिंतित नहीं हैं.” पंजाब के पटियाला के निवासी 65 वर्षीय अवतार सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों की आय बढ़ाने के तरीके बताने चाहिए थे.

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