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Weight Loss: गेहूं छोड़ खाएं इस आटे की रोटी, हफ्तेभर में 32 से 28 हो जाएगी कमर

पेट की चर्बी को कम करने के लिये अगर आपने रोटी खानी बंद कर दी है तो ऐसा न करें। हम आपको कुछ ऐसी राटियों के नाम बताएंगे जिसे खा कर आप कुछ दिनों में वजन घटा लेंगे।

Weight Loss: गेहूं छोड़ खाएं इस आटे की रोटी, हफ्तेभर में 32 से 28 हो जाएगी कमर

आज मोटापे से आधी दुनिया के लोग परेशान हैं। वह वजन कम करने के लिये घंटो जिम में पसीना बहाने के अलावा डाइट में तरह तरह के बदलाव करते हैं। लेकिन अगर यह बदलाव सोच समझ कर नहीं किया गया तो डायटिंग का कोई असर नहीं पड़ता। वजन कम करने की चाह में कई लोग रोटी खाना छोड़ देते हैं। जबकि हर राज्‍य में बनाई जाने वाली अलग अलग तहर की रोट स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बेहद फायदेमंद मानी जाती है। वहीं, ऐसे भी लोग हैं जो रोटी के बिना जी नहीं पाते। मगर गेहूं से बनी रोटी में ढेर सारी कैलोरीज पाई जाती है जो मोटापा बढ़ाने का काम करती है। अगर आप मोटापा कम करना चाहते हैं तो यहां जानें गेहूं के आटे से बनी रोटी न खा कर आप किस टाइप की रोटी का प्रयोग कर सकते हैं।

​​चोकर के साथ खाएं गेहूं की रोटी

गेहूं की रोटी में कार्ब्स, आयरन, नियासिन, विटामिन बी 6, थायमिन और कैल्शियम होता है, जबकि चोकर फाइबर से भरपूर होता है। दोनों को मिलाने से बड़ी आंत की बीमारियों को रोकने में मदद मिल सकती है। इससे कब्ज, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और यहां तक कि उच्च रक्तचाप कंट्रोल होता है। इस तरह का अटा हाई फाइबर में उच्‍च माना जाता है जो लंबे समय तक पेट को भरा रखेगा और मोटापा कंट्रोल करेगा।

​बेसन मिला कर बनाएं मल्टीग्रेन रोटी

कई लोगों ने अच्‍छी सेहत को बनाए रखने के लिये आम गेहूं की रोटी छोड़ मल्‍टीग्रेन रोटी की ओर रुख कर लिया है। लेकिन मल्‍टीग्रेन आटे में यदि एक मुठ्ठी बेसन मिला दिया जाए तो वजन तेजी के साथ घटेगा। चने में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो शरीर में कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है। अपने गेहूं के आटे में थोड़ा सा बेसन मिला कर उसे मल्‍टीग्रेन आटा बनाया जा सकता है।

​सोया रोटी

सोया बीन्स के प्रयोग से सोया आटा बनाया जाता है, जो लो फैट होता है। यह विटामिन और खनिजों से भरा हुआ होता है। यही नहीं इसमें ओमेगा -3 फैटी एसिड भी पाया जाता है जो वेजिटेरियन स्रोतों में से एक है। सोया प्रोटीन उन महिलाओं के लिये अच्‍छा माना जाता है जो रजोनिवृत्ति के दौर से गुजर रही हैं। इसकी बनी रोटी बुजुर्ग महिलाओं के लिए भी बढ़िया है।

​जौ की रोटी

जौ के आटे में घुलनशील प्रोटीन पाया जाता है। इस आटे की रोटी खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है क्‍योंकि इसमें फाइबर की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है। इसकी रोटी वजन को कम करने में मदद करती है। यदि आपको बार बार भूख लगती है तो आपको जौ से बनी रोटी जरूर खानी चाहिये।

​सत्तू रोटी

हम सभी जानते हैं कि सत्तू का सेवन बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में किया जाता है। सत्तू की रोटी के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी है। सत्तू प्रोटीन से भरा होता है जो आपके पेट को अधिक समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है। इस तरह वजन घटाने में यह बेहद मददगार है। तो अगर आप स्‍वाद से कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं, तो आज से ही सत्‍तू की रोटी खाना शुरू कर दें।

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Yuvraj vyas

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