Lifestyle

धनतेरस मनाने के पीछे है ये कारण, इस मुहूर्त में करें पूजा बरसेगी भगवान धन्वंतरि की कृपा

Loading...

जैसा कि 25 अक्टूबर 2019 को धनतेरस का त्योहार है और धनतेरस मनाने के पीछे की कहानी यह है कि धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के रूप में भी जाना जाता है।

Dhanteras

क्योंकि यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। आयुर्वेद के देवता भगवान धनवंतरी का जन्म आज ही के दिन हुआ था। ऐसा माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान, भगवान धन्वंतरी अपने हाथ में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन उनकी पूजा के साथ-साथ मां लक्ष्मी, कुबेर देवता और मृत्यु के देवता यमराज की भी पूजा की जाती है। इस दिन बर्तन खरीदना एक परंपरा है। पीतल और चांदी का बर्तन विशेष रूप से खरीदा जाता है क्योंकि पीतल को महर्षि धन्वंतरी की एक महत्वपूर्ण धातु माना जाता है। यह घर पर स्वास्थ्य, सौभाग्य और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। व्यापारी धनतेरस के दिन खाते की नई किताबें खरीदते हैं, जिनकी दिवाली पर पूजा की जाती है।

धनतेरस तिथि और शुभ मुहूर्त :

धनतेरस पूजा – शुक्रवार, 25 अक्टूबर, 2019

धनतेरस पूजा मुहूर्त – प्रातः 07:08 से प्रातः 08:16 तक

अवधि – 01 घंटे 08 मिनट

यम दीपम मुहूर्त – शनिवार, 26 अक्टूबर, 2019 को

प्रदोष काल – प्रातः 05:43 से प्रातः 08:16 तक

वृषभ काल – प्रातः 06:51 से प्रातः 08:47 तक

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ – 25 अक्टूबर, 2019 को प्रातः 07:08 बजे

त्रयोदशी तिथि समाप्त होती है – 26 अक्टूबर, 2019 को रात 03:46 बजे

धनतेरस पूजा विधि:

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को प्रदोषकाल में धनतेरस की पूजा की जानी चाहिए। इस दिन पूरे विधि- विधान से देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जानी चाहिए। माना जाता है कि इस दिन प्रदोषकाल में लक्ष्मी जी की पूजा करने से वह घर में ही ठहर जाती हैं। साथ ही इस दिन मृत्यु के देवता यम की पूजा का भी विधान है। घर के दरवाजे पर यमराज के लिए दीप देने से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है।

धनतेरस मंत्र:

दीपदान के समय इस मंत्र का जाप करें…

मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह।

त्रयोदश्यां दीपदानात सूर्यज: प्रीयतामिति॥

अर्थ है: त्रयोदशी को दीपदान करने से मृत्यु, पाश, दण्ड, काल और लक्ष्मी के साथ सूर्यनन्दन यम प्रसन्न हों।

धनतेरस पर घर लाएं ये पौधा, बताएगा आपकी आर्थिक स्थिति-

धनतेरस के दिन धनिया खरीदने का रिवाज है। दिवाली पर पूजा के बाद कुछ दाने गमले में बो दें। उसमें यदि स्वस्थ पौधा निकलता है तो पूरे वर्ष आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। यदि पौधा सामान्य और पतला है तो आपकी आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।

Loading...

About the author

Yuvraj vyas

Leave a Comment