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ISRO: भारत का खास सैटेलाइट अंतरिक्ष में पीएम मोदी की फोटो और भगवद् गीता लेकर जाएगा

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कहा, हमने टॉप पैनल पर प्रधानमंत्री के नाम और फोटो को भी जोड़ दिया है। इस सेटेलाइट को पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स और

फरवरी के अंत में लॉन्च किया गया एक उपग्रह भगवद गीता को अपने साथ अंतरिक्ष में ले जाएगा। इसके साथ ही उनके पास पीएम मोदी की तस्वीर होगी और उस पर उनका नाम भी लिखा होगा। इस नैनो उपग्रह का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आकार देने वाले महान व्यक्तित्व सतीश धवन के नाम पर रखा गया है। दूसरे अंतरिक्ष मिशन की तरह, भगवद गीता, पीएम के नाम के साथ 25 हजार लोगों के नाम के साथ अंतरिक्ष में जाने वाला यह पहला निजी क्षेत्र का उपग्रह होगा। इसे पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) द्वारा लॉन्च किया जाएगा।

सर्किटरी सहित भारत में विकसित और गढ़ा गया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरपर्सन डॉ के सिवन और वैज्ञानिक सचिव डॉ आर उमामहेश्वरन का नाम नीचे के पैनल पर लिखा गया है।
इसरो की सिफारिशों के बाद डिजाइन में बदलाव किए जाने के बाद सेटलाइट रविवार को श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट में भेजा जाएगा। इस सेटेलाइट का प्रक्षेपण इसरो अपने विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ‘पीएसएलवी सी-51’ से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ करेगा।

भारत ने पिछले साल स्पेस सेक्टर को प्राइवेट क्षेत्रों को खोल दिया था। यह भारत द्वारा डेवलप की गई दो सेटलाइट में से एक है जिसे पहली बार लॉन्च किया जाएगा।
PSLV-C51 मिशन को 28 फरवरी के लिए निर्धारित किया गया है, जो ब्राजील के पृथ्वी अवलोकन सेटेलाइट अमोनिया -1 को प्राथमिक सेटेलाइट के रूप में 20 सह-यात्री सेटेलाइट के रूप में ले जाएगा, जिसमें इसरो के एक नैनोसैटेलाइट, एक अकादमिक संघ द्वारा तीन यूनिटीसैट और एक प्रदर्शन उपग्रह भी शामिल है।

Pixxel ने दिसंबर 2022 तक 30 पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का एक तारामंडल बनाने की योजना बनाई है जो हर 24 घंटे में वैश्विक कवरेज प्रदान करेगा।

एसडी-सेट बनाने वाली चेन्नई स्थित कंपनी स्पेसकिड्स के मुख्य तकनीकी अधिकारी रिफत शाहरुख ने कहा कि इस 3.5 किलो नैनो उपग्रह में एक अतिरिक्त चिप लगाई जाएगी जिसमें सभी लोगों के नाम होंगे। इस नैनोसेटेलाइट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक के नाम पर रखा गया है। Specskids का लक्ष्य इस मिशन के माध्यम से छात्रों के बीच खगोल विज्ञान को बढ़ावा देना है।स्पेसकिड्ज इंडिया की संस्थापक और सीईओ डॉ श्रीमति केसन ने कहा, इस नैनो सैटेलाइट को लेकर काफी उत्‍साह है. यह अंतरिक्ष में तैनात होने वाला हमारा पहला उपग्रह होगा. जब हमने मिशन को अंतिम रूप दिया, तो हमने लोगों से उनके नाम भेजने को कहा जो अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे. एक सप्ताह के अंदर ही हमें 25,000 से ज्‍यादा नाम भेजे गए. इनमें से 1,000 नाम भारत के बाहर के लोगों द्वारा भेजे गए थे. चेन्नई में एक स्कूल से सभी छात्रों के नाम भेजे गए हैं. हमने ऐसा करने का फैसला इसलिए किया है क्‍योंकि यह मिशन का मकसद छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा देना है. जिन लोगों के नाम अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे उन्हें बोर्डिंग पास भी दिया जाएगा.

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Pradhyumna vyas

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