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Gujarat निकाय: हीरा नगरी सूरत में BJP और चमकी, जानें Congress और आम आदमी पार्टी का क्या हाल

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गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. अहमदाबाद से लेकर सूरत, वडोदरा ,भावनगर, जामनगर, सूरत से रुझान बता रहे हैं कि बीजेपी को बंपर बढ़त मिली है. इन सभी नगर पालिकाओं में पहले से ही बीजेपी का ही कब्जा था. अहमदाबाद में बीजेपी 60, तो सूरत में 25 और राजकोट में 20 से ज्यादा सीटों पर आगे है. कांग्रेस को अहमदाबाद में 10 तो वडोदरा में भी 10 सीटों पर रुझानों में बढत है. सूरत अहमदाबाद में आम आदमी पार्टी भी कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है.

सूरत नगर निगम की कुल 120 सीटों में से 93 सीटों पर कमल खिला है तो आप को 27 सीटें मिली हैं। इस बार यहां कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया, जबकि पिछली यहां उसकी तीन दर्जन सीटें थीं। पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद सूरत कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष बाबू रायका ने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुजरात बीजेपी चीफ सीआर पाटिल ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व में उनकी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आप के अच्छे प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा, ”आप को सूरत में झूठे वादों पर वोट मिले हैं।”

दिसंबर 2015 के निकाय चुनावों में कांग्रेस ने सूरत में 36 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा ने 79 सीटें जीतीं। इस मायने में, बीजेपी ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, इसलिए कांग्रेस ने अपने सभी प्रोजेक्ट खो दिए हैं। इस बार आम आदमी पार्टी ने गुजरात चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। 14 फरवरी को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने यहां रोड शो किया था।

6 नगर निगमों – अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, भावनगर और जामनगर के 144 वार्डों में 576 सीटों के लिए रविवार को मतदान हुआ था। चुनाव में औसतन 46.1 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने उम्मीदवारों का इस्तेमाल किया। भाजपा ने इन नगर निगमों में लंबे समय तक शासन किया है।

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Pradhyumna vyas

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