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Chanakya Niti: ऐसे व्यक्ति का न तो कोई वर्तमान होता है न ही कोई भविष्य

आचार्य चाणक्य भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में से एक हैं. उनकी शिक्षाएं और नीतियां व्यक्ति को सफल बनाने के साथ साथ वर्तमान और भविष्य को कैसे बनाया जाता है इस बारे में भी बताती हैं. आचार्य चाणक्य की चाणक्य नीति कहती है कि वो इंसान कभी तरक्की नहीं करता है जो कार्य को कल पर टालता है. ऐसे व्यक्ति का भाग्य भी सो जाता है.

चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को वर्तमान और भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. वर्तमान में किए गए कार्यों का लाभ ही भविष्य की नींव तैयार करता है. इसलिए वर्तमान को इतना निखारें की भविष्य धमकने लगें. वर्तमान और भविष्य का सांवरने के लिए व्यक्ति में इन गुणों का होना बहुत ही जरुरी है.

आलस को त्याग दें
चाणक्य के अनुसार आलसी व्यक्ति का न तो कोई वर्तमान होता है और न ही कोई भविष्य. आलस व्यक्ति के लिए रोग के समान है जो उसकी तरक्की को रोक देता है. इसलिए व्यक्ति को जितनी जल्दी हो इस रोग से मुक्ति पा लेनी चाहिए.

स्वयं की प्रतिभा को निखारें
हर व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, इस प्रतिभा को श्रम, अनुशासन और लगन से निरंतर तरशाते रहना चाहिए. क्योंकि व्यक्ति को उसकी प्रतिभा से ही सम्मान प्राप्त होता है. जो उसके वर्तमान और भविष्य दोनों को सांवरने में मदद करती है.

संसाधनों का सही प्रयोग
व्यक्ति को संसाधनों की कमी पर शोक नहीं करना चाहिए. उसके पास जो भी संसाधन है उन्ही से अपने बुद्धि विवेक का प्रयोग करते हुए आगे बढ़ना चाहिए. संसाधनों की पूर्ति पर तो कोई भी विकास का पथ प्राप्त कर सकता है. लेकिन जो सीमित और संसाधनों के बिना सफलता को प्राप्त करता है इतिहास ऐसे लोगों को सम्मान प्रदान करता है. ऐसे लोगों का ही वर्तमान और भविष्य होता है.

स्वस्थ्य और सर्तक रहें
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को अपनी सेहत को लेकर गंभीर और सर्तक रहना चाहिए. व्यक्ति स्वस्थ्य होगा तो किसी भी कार्य को करने में उसे कठिनाई नहीं होगी, रोगी व्यक्ति की कार्य कुशलता में भी कमी आती है. इसलिए व्यक्ति को सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए. क्योंकि सेहतमंद व्यक्ति ही आने वाली चुनौतियों को पार पा सकता है. ऐसे व्यक्ति का मन, मस्तिष्क तेजी से कार्य करने में सक्षम होता है.

व्यसनों से दूर रहें
व्यक्ति को अच्छा जीवन जीने के लिए व्यसनों से दूर रहना चाहिए. किसी भी प्रकार का नशा और गलत आदतें व्यक्ति की सफलता में बाधक बन सकता है. व्यसनों में लिप्त व्यक्ति का वर्तमान और भविष्य दोनों ही अंधकार में होते हैं.

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Yuvraj vyas

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