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लगने वाला है साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, इन लोगों को हो सकती है भारी परेशानी

अगले महीने या नवंबर में साल का आखिरी चंद्र ग्रहण पड़ने जा रहा है। यह (चंद्र ग्रहण) दिवाली (14 नवंबर) के बाद 30 नवंबर को पड़ेगा। यह भारत के कई शहरों में देखा जा सकेगा। हालांकि एक उपच्छाया ग्रहण होने के कारण इसे आंखों से नहीं देखा जा सकेगा। त्योहारों का समय शुरू हो गया है। माता के भक्त नवरात्र के रंग में रंग चुके हैं, वहीं दशहरा और दिवाली की तैयारियां भी जारी हैं। इस बीच, बड़ी सूचना यह है कि ज्योतिषार्यों के मुताबिक, इस Chandra Grahan का विभिन्न राशियों पर अलग अलग तरह से असर पड़ेगा। अच्छी बात यह है कि उपच्छाया Chandra Grahan होने के कारण इसका कोई सूतक काल नहीं होगा। यहां जानिए चंद्रग्रहण का राशियों पर असर और समय

Chandra Grahan की शुरुआत 30 नवंबर 2020 की दोपहर 1:04 बजे से हो जाएगी। इसा मध्यकाल दोपहर 3:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद शाम 5:22 बजे ग्रहण समाप्त हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि चंद्र ग्रहण के दौरान लोगों को अपने आराध्य देव का जाप करना चाहिए, इससे उनके मन पर चंद्र ग्रहण का नकारात्मक असर नहीं होगा।

क्या होता है उपच्छाया चंद्रग्रहण

चंद्रमा जब भी धरती की परछाई में प्रवेश करता है तो उपच्छाया ग्रहण होता है। इस समय चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी आंशिक तौर पर कटी प्रतीत होती है और ग्रहण को चंद्रमा पर पड़ने वाली धुंधली परछाई के रूप में देखा जा सकता है। इस तरह के ग्रहण का आमजन पर व्यापक असर पड़ता है। सूतक काल नहीं होने के बाद भी लोगों को सावधानी बरतने की सवाह दी जाती है। साथ ही किसी बुरे प्रभाव से बचने के उपाय भी बताए जाते हैं।

चंद्रग्रहण का राशियों पर कैसा होगा असर

यह Chandra Grahan वृषभ राशि और रोहणी नक्षत्र में पड़ेगा जिससे इसका सभी राशियों पर असर पड़ेगा। यानी वृष राशि के जातकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। ज्योतिष में कहा गया है कि जब भी किसी व्यक्ति के जीवन पर चंद्रमा का असर होता है तो वह मुश्किल दौर से गुजरता है। हालांकि इसका समाधान भी है। ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि चंद्रमा के प्रभाव से डरने की जरूरत नहीं है। वृषभ राशि के जातकों को ग्रहण के समय व कुछ दिन आगे-पीछे थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही सेहत का भी ध्यान रखना होगा।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

चंद्र ग्रहण वाले दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान कर लें। चंद्र ग्रहण से पहले अपने सभी जरूरी कार्य निपटा लें। चंद्र ग्रहण के दौरान घर में शांति से बैठे रहें और अपने ईष्टदेव का ध्यान करें। इस दौरान और इस दिन व्यसनों और अन्य बुराइयों से दूर रहें। यदि इस दौरान मन में अशांति हो रहा है तो ज्योतिषाचार्य से सम्पर्क कर उपाय पूछें।

मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के सूतक काल लगने के साथ ही घर में मौजूद पकाई गई खाद्य सामग्रियां भी दूषित हो जाती है, इसलिए इस दौरान कुछ भी खाने-पीने की मनाही की जाती है। अच्छी बात यह है कि इस बार सूतक काल नहीं रहेगा। ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान शमशान घाट या ऐसी भूतहा जगह जैसे खंडहर या सूनसान मकान आदि से या उनके नजदीक से ना गुजरें।

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Yuvraj vyas

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