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यूपी में बनने लगीं चीन जैसी सुंदर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां

आने वाली दीपावली पर राज्य में चीन में बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा राज्य के कारीगरों द्वारा बनाई गई मूर्तियां देंगी। उ.प्र. माटी कला बोर्ड ने चीन जैसी आकर्षक दिखने वाली मूर्तियां और दीपक बनाने के लिए सांचें, पग मशीन और स्प्रे पेंटिंग मशीने माटी कला के कारीगरों को मुहैया कराया है। दीपावली तक करीब एक लाख जोड़ी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और पांच लाख से अधिक दीये बना देने का लक्ष्य दिया गया है।

माटी कला बोर्ड के सौजन्य से यह काम अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ में हो रहा है। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल का कहना है कि चीन से आयात होने वाले ऐसे उत्पादों का बेहतर विकल्प खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा एमएसएमई के माध्यम से तैयार किया जा रहा है।

कोलकाता आर्ट कालेज ने तैयार किया सांचा

अपर मुख्य सचिव ने बताया है कि चीन जैसी आकर्षक दिखने वाली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनाने के लिए सांचे का निर्माण कोलकाता के आर्ट कालेज से कराया गया है। 12 इंच और 08 इंच के सांचे तैयार कराए गए हैं। इस काम के लिए माटी कला के कारीगरों के बीच अभी तक तीन हजार पग मिलें (मिट्टी गूंथने की मशीन), पचास पेयर सांचे लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति के लिए, छह मशीनें दीपक बनाने के लिए तथा छह स्प्रे पेंटिंग मशीनें दी गई हैं। अभी और सांचे, स्प्रे पेंटिंग मशीन के आर्डर दिए गए हैं।

गाय के गोबर से बनी मूर्तियां भी होंगी बाजार में

गौरतलब है उ.प्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं दीपावली को देखते हुए इस बार गाय के गोबर से लक्ष्मी-गणेश की मूर्तया, दीये तथा अन्य पूजा सामग्री तैयार कर रही हैं। यह काम जालौन, झांसी, मुजफ्फरनगर और प्रतापगढ़ जिले में हो रहा है। बड़ी संख्या में गाय के गोबर से बनी मूर्तियां इस बार दीपावली पर बाजार में होंगी। हिन्दू धर्म में गाय और गाय के गोबर की महत्ता को देखते हुए इन मूर्तियों की अधिक मांग होने की उम्मीद है।

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Yuvraj vyas

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