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यहां हो तिल का निशान तो बेचैन रहता है आदमी

मानव शरीर पर तिल प्राकृतिक तौर पर क‌िसी भी अंग पर कहीं भी हो सकते हैं। लेकिन हर तिल में मनुष्य की प्रकृति का कोई न कोई राज छिपा होता है। आम लोग मानते हैं कि जिस व्यक्ति के हाथ में तिल होता है वह बहुत धनवान होता है। उसे कभी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता, लेक‌िन यह पूरी तरह से सच नहीं है। हथेली पर जो तिल होते हैं उनके अपने शुभ और अशुभ प्रभाव होते हैं।

सूर्य पर्वत अर्थात अनाम‌िका उंगली के नीचे की जगह पर त‌िल होने का अर्थ है क‌ि सूर्य से जिन क्षेत्रों का संबंध‌ है उनसे आपको कष्ट हो सकता है। जैसे सामाज‌िक और सरकारी क्षेत्रों में अथवा रोजगार कमाने में समस्याएं आ सकती हैं।

चंद्रपर्वत पर त‌िल होने से व्यक्ति का मन चंचल और बेचैन रहता है। इन्हें प्यार नहीं मिल पाता और असफलता इनके साथ रहती है। शादी में भी समस्याएं आती हैं। माता का स्वास्थ्य भी ढीला रहता है।

छोटी उंगली पर त‌िल हो तो अपार धन संपत्त‌ि के मालिक होते हैं, लेक‌िन जीवन में कोई न कोई परेशानी सिर उठाए रखती है।

मध्यमा उंगली पर त‌िल होना शुभता का संकेत है। यह मंगलप्रद होता है, लेकिन मध्यमा के नीचे शन‌ि पर्वत पर त‌िल हो तो यह अशुभता का संचार करता है। ऐसे लोगों का भाग्य इनका साथ नहीं देता। जीवन में असफलताएं आती हैं। कड़े संघर्ष के बाद ही जीवन में इन्हें कुछ प्राप्त होता है।

अनाम‌िका उंगली पर त‌िल होने का अर्थ है सरकारी क्षेत्रों में लाभ और समाज में मान यश की प्राप्ति। ऐसे व्यक्त‌ि धनाढ्य भी होते हैं।

हाथ के अंगूठे पर त‌िल का न‌िशान होने से व्यक्ति बातूनी, मेहनती और न्यायप्रिय होता है। अंगूठे के नीचे शुक्र पर्वत पर त‌िल हो तो व्यक्त‌ि के बहुत सारे प्रेम संबंध बनते-बिगड़ते हैं। जिस कारण उन्हें जीवन में बहुत बार हानि भी उठानी पड़ती है। ऐसे लोग कामुक और अत्यधिक खर्चीले स्वभाव के होते हैं लेक‌िन जीवन में कभी भी इन्हें धन की कमी नहीं होती। बाईं हथेली में त‌िल होने से व्यक्ति खूब दौलत कमाता है लेक‌िन अपने खर्चीले स्वभाव के कारण कमाए पैसे को जोड़ नहीं पाता। दाईं हाथ के ऊपरी भाग पर त‌िल होने से व्यक्ति धन-धान्य से संपन्न होता है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं  पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया  गया है।)

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Yuvraj vyas

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