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मोरेटोरियम के ब्याज पर ब्याज का गणित, जानें-कैसे और कितना मिलेगा कैशबैक

सरकार ने दिवाली से पहले कर्जधारकों को बड़ी राहत दी है. लोन मोरेटोरियम अवधि के दौरान छह महीनों के लिए ब्याज पर लगे ब्याज को सरकार ने वापस करने का ऐलान किया है और इसके लिए दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं. यह समझना थोड़ा जटिल जरूर है कि किस व्यक्ति को कितना कैशबैक मिलेगा, लेकिन आइए आपके लिए हम इसे थोड़ा आसान कर देते हैं 

भारतीय रिजर्व बैंक ने पहले तीन महीने और फिर तीन महीने और यानी मार्च से अगस्त तक के कुल छह महीनों के लिए लोन के मोरेटोरियम यानी किस्त का भुगतान टालने की सुविधा दी थी. लेकिन यह कहा गया कि इस बकाये पर बैंक ब्याज ले सकते हैं. इसका विरोध इस आधार पर हुआ कि लोन की किस्त में बड़ा हिस्सा तो वैसे ही ब्याज का होता है, फिर इस पर भी ब्याज यानी ब्याज पर ब्याज लेने की छूट बैंकों को क्यों दी जा रही है, जबकि कोरोना संकट में लोग इतने परेशान हैं. 

यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी चल ही रहा है और इस पर दो नवंबर को अगली सुनवाई है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा कि वह 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर ब्याज पर ब्याज खुद वापस करेगी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इसे जल्द से जल्द करना चाहिए. इ​सलिए सरकार ने इसे दिवाली से पहले लागू कर एक तरह से त्योहारी तोहफा दिया है. 

चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज का अंतर 

सरकार ने कहा है कि वह छह महीने के मोरेटोरियम पीरियड के दौरान का लगाये गये चक्रवृ़द्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर की जो राशि होगी उसे लोगों के लोन एकाउंट में वापस करेगी. 

कब मिलेगा 

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने कहा है कि 5 नवंबर को या उससे पहले यह कवायद पूरी हो जाएगी. यानी अगले हफ्ते गुरुवार तक कर्जधारकों के एकाउंट में पैसा आ जाएगा. 

कौन से लोन पर मिलेगा 

यह वापसी कुल आठ श्रेणियों के 2 करोड़ रुपये के लोन तक होगी. इनमें एमएसएमई, एजुकेशन, क्रेडिट कार्ड बकाया, हाउसिंग लोन, ऑटो लोन, प्रोफेशनल्स द्वारा लिये गये पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल और कंजम्पशन लोन शामिल हैं. ध्यान रहे कि इसमें सिर्फ प्रोफेशनल्स के पर्सनल लोन शामिल हैं और किसी के इन सभी श्रेणियों में मिलाकर अगर लोन 2 करोड़ रुपये से ज्यादा है तो उसे इसका लाभ नहीं मिलेगा. 

कुछ और शर्तें इस प्रकार हैं-यह लोन 29 फरवरी तक गैर निष्पादित परिसंपत्ति यानी एनपीए नहीं होना चाहिए. यह वापसी 29 फरवरी तक की ब्याज दर पर होगी. इसके तहत बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी, हाउसिंग कंपनी, सभी के लोन को स्वीकार किया जाएगा. सरकार इस पर करीब 6500 करोड़ रुपये खर्च करेगी. 

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Yuvraj vyas

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