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मोदी सरकार का फ़ैसला, किसानों को सुबह 5 बजे से रात के 9 बजे तक मिलेगी बिजली, जानें इस योजना की खासियत

Kisan Suryoday Yojana : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुजरात के किसानों को कई परियोजनाओं की सौगात दी है. उन्होंने गुजरात में 3 प्रमुख परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया. इसके तहत ‘किसान सूर्योदय योजना’ (Kisan Suryoday Yojana) की शुरुआत हुई. यह योजना किसानों के लिए बहुत खास है, क्योंकि इस योजना के तहत किसानों को सिंचाई के लिए सुबह 5 बजे से रात के 9 बजे तक बिजली मिल पाएगी. इसके तहत अगले 2 से 3 साल में करीब साढ़े 3 हज़ार सर्किट किलोमीटर नई ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने का काम किया जाएगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री गिरनार रोपवे (Girnar Ropeway) और एक हृदयरोग से संबंधित अस्पताल का उद्घाटन भी किया.

पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को रात की जगह सुबह 5 बजे से लेकर रात 9 बजे के दौरान 3 फेज में बिजली मिलेगी, तो इससे नया सवेरा होगा. इसके साथ ही गुजरात सरकार को बधाई दी और कहा है कि बाकी व्यवस्थाओं को प्रभावित किए बिना, ट्रांसमिशन की बिल्कुल नई कैपेसिटी तैयार करके ये काम किया जा रहा है. इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों तक हज़ार से ज्यादा गांवों में ये योजना लागू भी हो जाएगी. इनमें ज़्यादा गांव आदिवासी बाहुल्य इलाकों के हैं.

यह योजना गुजरात के किसानों को दिन में बिजली प्रदान करने के लिए लागू की गई है. इसके तहत अब किसानों को सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक बिजली आपूर्ति की जाएगी. इस योजना का लाभ गुजरात के करीब 17.25 लाख किसान उठा पाएंगे. इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 2023 तक करीब 3500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है. इस योजना में 2020-21 में दाहोद, पाटन, महिसागर, पंचमहल, छोटा उदेपुर, खेड़ा, तापी, वलसाड, आनंद और गिर-सोमनाथ को शामिल किया गया है. बाकी जिलों को 2022-23 तक चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा.

गुजरात देश का पहला ऐसा राज्य था, जिसने सौर ऊर्जा के लिए एक दशक पहले ही व्यापक नीति बनाई थी. यहां साल 2010 में सोलार पावर प्लांट का उद्घाटन हुआ था. शायद तब किसी ने इसकी कल्पना भी नहीं की होगी कि एक दिन भारत दुनिया को ‘वन वन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ का रास्ता दिखाएगा. आज भारत सोलर पावर के उत्पादन और उसके उपयोग, दोनों में अग्रणी है. भारत सोलर उत्पादन में दुनिया में 5वें स्थान पर पहुंच चुका है.

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Yuvraj vyas

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