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मुंगेर विधानसभा सीट: बीजेपी और RJD में होगा मुकाबला, इस बार कौन मारेगा बाजी?

बिहार की मुंगेर विधानसभा सीट राज्य की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों से एक है। मुंगेर में विधानसभा का पहला चुनाव वर्ष 1957 में हुआ था। तब कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। मुंगेर में किसी एक पार्टी का दबदबा नहीं रहा है। यहाँ पर चुनावों में कांग्रेस को जीत मिलती रही है। मुंगेर में अब आरजेडी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होता है। दोनों ही भागों के बीच यहाँ पर एपिसोड टक्कर देखने को मिलती है। 2015 के चुनाव में आरजेडी के विजय कुमार ने जीत हासिल की थी। उन्होंने बीजेपी के प्रणव कुमार को मात दी थी।

सामाजिक ताना-बाना

मुंगेर विधानसभा सीट बिहार के मुंगेर जिले में आता है। मुंगेर का किला ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। बंगाल के अंतिम नवाब मीरकासिम का प्रसिद्ध किला यहीं पर स्थित है। यह किला गंगा नदी के किनारे बना हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार, मुंगेर की कुल जनसंख्या 456751 है। इसमें 52.22% ग्रामीण और 47.78% शहरी आबादी है। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात कुल जनसंख्या क्रमशः 9.63 और 0.3 है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

मुंगेर विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई। यहां पहले चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस अगले चुनाव में भी जीत को कायम रखती है। लेकिन 1967 के चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा।

1967 और 1969 के चुनाव में हार मिलने के बाद कांग्रेस को 1972 में जीत मिली। लेकिन 1977 के चुनावों में कांग्रेस को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। 1972 में मिली जीत कांग्रेस को मुंगेर में मिली आखिरी जीत थी।

राज्य की मुख्य पार्टी आरजेडी को यहां पर पहली बार 2000 में जीत मिली है। इसके बाद अगले चुनावों में ही उसे हार मिली और ज़ीयू ने इस सीट पर कब्जा कर लिया। ज़ीयू को 2005 के उपचुनाव में भी जीत मिली, लेकिन 2009 के उपचुनाव में उसे आरजेडी के हाथों हार का सामना करना पड़ा ।पिछले दो चुनावों पर नजर डालें तो मुंगेर में 2010 में ज़ीयू के अनंत कुमार ने आरजेडी उम्मीदवार को मात दी, लेकिन अगले ही चुनाव में आरजेडी हार का बदला लेती है। और विजय कुमार विधायक चुने जाते हैं।

2015 का जनेश

2015 के विधानसभा चुनाव में मुंगेर में 311957 मतदाता थे। इसमें 54.44 प्रति पुरुष और 45.44 महिला मतदाता थे। मुंगेर में 169256 लोगों ने वोटिंग की थी। यहां 54 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस चुनाव में आरजेडी के विजय कुमार ने बीजेपी के प्रणव कुमार को मात दी थी। उन्होंने 4 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी। विजय कुमार को 77216 (45.63 फीसदी) और प्रणव कुमार को 72851 (43.05 फीसदी) वोट मिले थे।

विधायक के बारे में

3 मार्च 1952 को जन्मे विजय कुमार की शैक्षणिक योग्यता एलएलबी है। उन्होंने 1974 में छात्र आंदोलन से राजनीति में प्रवेश किया। वह 2015 में चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। इससे पहले 1998 का ​​चुनाव जीतकर वह पहली बार सांसद बने थे। विजय कुमार परिवहन और पर्यटन विभाग के स्थायी समिति के सदस्य बने हुए हैं। वह कई वर्षों तक आरजेडी के जिलाध्यक्ष बने रहे।

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Yuvraj vyas

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