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भारत में सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड 5 करोड़ स्मार्टफोन की बिक्री; Xiaomi, Samsung और Vivo ने बेच डाले 3 करोड़ से ज्यादा: रिपोर्ट

कोरोना महामारी से जहां देश में कई सेक्टर अभी उबरने की कोशिश में हैं, वहीं स्मार्टफोन सेग्मेंट ने ऑल टाइम रिकॉर्ड बना दिया है. कैनेलिस के रिसर्च के मुताबिक सितंबर तिमाही में 5 करोड़ स्मार्टफोन की बिक्री हुई जो अब तक की किसी भी तिमाही में सबसे अधिक है. इनमें सबसे अधिक स्मार्टफोन की बिक्री चाइनीज कंपनी के हैं. कुल शिपिंग में उनकी 76 फीसदी हिस्सेदारी है. लॉकडाउन खुलने के बाद से धीरे-धीरे भारतीय अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है.

अब तक की रिकॉर्ड शिपिंग

भारत में सबसे अधिक स्मार्टफोन की बिक्री करने वाली टॉप 5 कंपनियां शाओमी, सैमसंग, वीवो, रियलमी और ओप्पो हैं. इन सभी कंपनियों की शिपिंग पिछले साल की सितंबर तिमाही के मुकाबले इस बार बढ़ा है. पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 4.62 करोड़ स्मार्टफोन की शिपिंग हुई थी जो इस बार बढ़कर 5 करोड़ हो गई. कैनेलिस ने अपने एक बयान में कहा कि यह आंकड़ा सिर्फ सितंबर तिमाही के लिए ही नहीं, देश में किसी भी तिमाही के लिए रिकॉर्ड है.

शाओमी की बाजार हिस्सेदारी सबसे अधिक

मार्केट लीडर के तौर पर शाओमी उभरी है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 26.1 फीसदी रही. शाओमी के 1.31 करोड़ स्मार्टफोन की शिपिंग हुई. दूसरे स्थान पर सैमसंग ने 20.4 फीसदी के साथ विवो को पछाड़ दिया है. सैमसंग के 1.02 करोड़ स्मार्टफोन की शिपिंग हुई. इसी प्रकार 88 लाख स्मार्टफोन के साथ वीवो की बाजार हिस्सेदारी 17.6 फीसदी, 87 लाख स्मार्टफोन के साथ रियलमी 17.4 फीसदी और ओप्पो 61 लाख स्मार्टफोन के साथ 12.1 फीसदी बाजार हिस्सेदारी रही. एपल ने भी भारत में अपनी स्थिति को सुधारा है और तीसरी तिमाही में उसने करीब 8 लाख आईफोन की बिक्री की.

जून तिमाही के मुकाबले चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी गिरी

सितंबर तिमाही में चीन के स्मार्टफोन की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी पिछले साल समान तिमाही के मुकाबले दो फीसदी बढ़ी है. पिछले साल की सितंबर तिमाही में भारतीय स्मार्टफोन सेग्मेंट में चीन की हिस्सेदारी 74 फीसदी थी जो इस बार बढ़कर 76 फीसदी हो गई है. हालांकि जून तिमाही में यह आंकड़ा 80 फीसदी था.

तनाव के बाद चीनी कंपनियों ने बदली रणनीति

पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा है. हालांकि कैनेलिस के रिसर्च एनालिस्ट वरुण कन्नन का मानना है कि अभी इसका प्रभाव भारतीयों की खरीद निर्णय पर दिखना बाकी है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव के कारण पिछले कुछ महीनों से चाइनीज कंपनियां अब सुरक्षात्मक ढंग से कारोबार कर रही हैं और उन्होंने अपने मार्कटिंग खर्च घटाने के साथ अब अपनी छवि प्रचारित कर रही हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान है.

कैनेलिस के एक एनालिस्ट अद्वैत मार्डिकर का मानना है कि स्मार्टफोन वेंडर्स को भारतीय बाजार में तेजी की उम्मीद है. अद्वैत का कहना है कि फेस्टिव सीजन से पहले ऑनलाइन माध्यम से खरीदारी ने शिपिंग में सकारात्मक रुख दिखाया है. उनका कहना है कि स्मार्टफोन अब सिर्फ सोशल कनेक्शन के लिए ही नहीं रह गया है बल्कि यह एंटरटेनमेंट, एजुकेशन, बैंकिंग, पेमेंट और अन्य जरूरी कार्यों का भी माध्यम बन गया है.

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Yuvraj vyas

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