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बर्बाद होने वाले घरों के मंदिरों में हमेशा होती है ये गलती, आप भूलकर भी ना करे

Written by Yuvraj vyas

घर में मंदिर एक ऐसी जगह होती है जहां सकारात्मक शक्तियों का वास होता है. सभी अच्छे कामों की शुरुआत से पहले घर के मंदिर में माथा टेका जाता है. हर शुभ काम से पहले मंदिर में हाथ जोड़े जाते हैं. ये एक मंदिर सभी सदस्यों को नेगेटिव एनर्जी से बचाकर घर में पॉजीटिव माहौल बनाए रखता है. लेकिन कभी-कभी आपके नियमित पूजा-पाठ और मेहनत के बावजूद काम नहीं बनते. इसकी वजह वास्तु दोष हो सकता है. वास्तु में मंदिर के लिए कुछ ज़रूरी नियमों को बताया गया है, यहां उन्हीं में से 8 वास्तु टिप्स शेयर कर रहे हैं. 

वास्तु के मुताबिक घर का मंदिर स्थापित करने का सबसे शुभ स्थान होता है ईशान कोण (उत्तर-पूर्व). इसीलिए अपने घर को इसी दिशा में रखें. 
2. मंदिर ज़मीन पर ना बनाएं. मंदिर इतनी ऊंचाई पर हो कि आपकी छाती और भगवान के पैरों का लेवल बराबर हो. 
3. अगर आपका अलग पूजा रूम है तो इसकी दीवारों का रंग पीला, हरा या फिर हल्का गुलाबी रखें. बेहतर होगा आप इनमें से किसी एक रंग से ही दीवारे रंगें. 
4. घर का मंदिर हमेशा लकड़ी का रखें. वास्तु के मुताबिक लड़की गुड लक लाती है. अगर आप संगमरमर का मंदिर रखना चाहते हैं तो वो भी रख सकते हैं. इससे भी घर में शांति और खुशी आती है. 



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Yuvraj vyas