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तांबे के बर्तन में आठ घंटे पानी रखकर पी लीजिए, फायदे जानकर चौंक जाएंगे

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चीन भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद में कहा गया है कि तांबे के बर्तन में रखा गया पानी शरीर के तीनों दोषों- वात, कफ और पित्त को संतुलित करता है। ऐसे पानी को ‘ताम्रजल’ कहा जाता है। तांबे के पात्र में कम से कम आठ घंटे रखने के बाद ही पीना चाहिए, तभी अधिकतम लाभ मिलते हैं। दिन में दो या तीन बार भी इसका सेवन पर्याप्त होता है, बाक़ी समय सादा पानी पिया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि रोज़ाना एक लीटर पानी में 2 मि.ग्रा. तक तांबे का सेवन शरीर के लिए अच्छा है। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, तांबे के बर्तन में कई घंटों तक रखा गया पानी तांबे का एक हिस्सा अवशोषित कर लेता है। यह पानी कई तरह से फायदा पहुंचाता है।

यह दिमाग को उत्तेजित करता है हमारा दिमाग इम्पल्स संचरण पर काम करता है। इसलिए तांबे के सेवन से दिमाग ज्यादा अच्छी तरह से काम करता है। यह मस्तिष्क को उत्तेजित करता है और भूलने जैसी समस्याओं से बचाता है।

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Yuvraj vyas

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