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जीवन में ये 3 चीजें बहुत सोच समझकर ही उठानी चाहिए

आचार्य चाणक्य ने व्यक्ति के जीवन से जुड़ी प्रत्येक चीज का बहुत ही गहराई से अध्ययन किया था. चाणक्य चूंकि एक शिक्षक और कुशल अर्थशास्त्री होने के साथ साथ एक योग्य चिंतक और समाजशास्त्री भी थे. इसलिए उन्होने अपनी चाणक्य नीति में हर उस चीज पर प्रकाश डाला है जो व्यक्ति को प्रभावित करती हैं.

चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के जीवन में कसम, कलम और कदम का बहुत विशेष महत्व है. कसम से अर्थ है कि शपथ लेना. कलम का अर्थ है कि लेखन शक्ति और कदम का तात्पर्य है निर्णय यानि फैसला लेना. चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति में कहा है कि कसम, कलम और कदम व्यक्ति को बहुत सोच समझकर ही उठाना चाहिए.

कसम यानि शपथ
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को कसम लेने से पहले बहुत सोच विचार करना चाहिए. भवावेश में आकर कोई भी ऐसी कसम नहीं लेनी चाहिए जिसके चलते बाद में लज्जित होना पड़े. कसम तभी उठानी या लेनी चाहिए जब व्यक्ति अपनी क्षमताओं को भलिभांत जानता हो. क्षमता से अधिक व्यक्ति को कार्य नहीं करना चाहिए. इसके लिए बेहतर यही है कि वह समय का इंतजार करे और उसके लिए अपने आप को तैयार करे.

कलम उठाना
कलम की मार शस्त्र से भी घातक होती है. इसलिए व्यक्ति को कलम उठाने से पहले चिंतन मनन और अच्छे ढंग से विचार करना चाहिए. क्योंकि कलम का लिखा हुआ समय के साथ भी नहीं मिटता है. एक बार कलम जब किसी विषय पर चल जाती है तो उसमें संसोधन करने की गुंजाइश नहीं होती है. कलम हित और अहित दोनों का कारण बन सकती है. इसलिए कलम उठाने से पहले खूब समझ लेना चाहिए.

कदम यानि निर्णय लेना
यहां चाणक्य का कदम से तात्पर्य फैसला लेने से है. व्यक्ति के जीवन में जब फैसला लेने की बारी आई तो जल्दबाजी न करे. सभी पहलू और बिंदुओं पर विचार करने के बाद ही कदम उठाना चाहिए. क्योंकि एक गलत कदम व्यक्ति का जीवन वर्बाद कर सकता है. इसलिए कदम उठाने से पहले वर्तमान और भविष्य की स्थितियों का एक बार अवलोकन जरूर कर ले. ऐसा करने से आपके द्वारा उठाया गया कदम गलत नहीं होगा और उसके परिणाम सार्थक होंगे जो जीवन में निराश नहीं करेंगे.

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Yuvraj vyas

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