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चेक करते रहिए अकाउंट, अगले एक हफ्ते में आ सकता है ब्याज माफी का कैशबैक!

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आदेश के बाद अब सभी बैंक और NBFC ग्राहकों को जल्द से जल्द ब्याज माफी का लाभ देने वाला है. दरअसल आरबीआई ने सभी कर्जदाता संस्थानों को मंगलवार को आदेश दिया है कि वे 2 करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिए हाल ही में घोषित ब्याज माफी योजना को लागू करें.

इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज के ऊपर लगने वाला ब्याज एक मार्च, 2020 से छह महीने के लिए माफ किया जाएगा. सरकार ने पात्र लोन खातों के लिए चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर के भुगतान को लेकर अनुदान की योजना की 23 अक्टूबर को घोषणा की थी. सरकार ने सभी बैंकों को 5 नवंबर तक चक्रवृद्धि ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर को कर्जदारों के खाते में जमा करने के लिए कहा था.

अब मंगलवार को आरबीआई ने देश के सभी बैंकों और लोन देने वाले संस्थानों को आदेश दिया है कि ग्राहकों को जल्द से जल्द ब्याज पर ब्याज की छूट का लाभ पहुंचाया जाए. RBI ने नोटिफिकेशन जारी करके बैंकों और NBFC को 6 महीने की EMI पर ब्याज माफ करने को कहा है.

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी लोन देने वाली एजेंसियां, जिसमें गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां शामिल हैं, उनसे 1 मार्च से शुरू होने वाली 6 महीने की मोहलत की अवधि के लिए 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर ब्याज के ऊपर लगने वाला ब्याज को लौटाने का आदेश दिया है. अब उम्मीद की जारी है कि इस हफ्ते बैंक अपने लोन ग्राहकों को इसका फायदा पहुंचा देगा. सरकार की ब्याज छूट का लाभ 1 मार्च से 31 अगस्त तक के सभी तरह के लोन पर मिलेगा.

अब बैंक ग्राहकों को लोन के ब्याज के ऊपर लगने वाला ब्याज वापस करेगा. केंद्र सरकार की इस स्कीम का फायदा सभी कर्जदारों को मिलेगा, चाहे उन्होंने किस्त भुगतान से छह महीने की दी गई छूट का लाभ उठाया हो या नहीं. यानी स्कीम का लाभ 2 करोड़ रुपये तक के सभी लोनधारकों को मिलेगा चाहे उन्होंने मोरेटोरियम के लिए अप्लाई किया हो या न किया हो.

6 महीने तक के लोन पर मिलेगा लाभ
कोरोना संकट से परेशान लोगों को राहत देने के लिए रिजर्व बैंक ने इस साल 1 मार्च से 31 अगस्त तक की अवधि में लोन की किस्त चुकाने से लोगों को राहत देते हुए मोरेटोरियम यानी किस्त टालने (बाद में चुकाने) की सुविधा दी थी. लेकिन रिजर्व बैंक ने बैंकों को यह छूट दे दी कि वे इस दौरान के लिए बकाया पर ब्याज ले सकें. इस ब्याज वसूली का मतलब यह था कि बकाया लोन पर ग्राहकों को चक्रवृद्धि ब्याज देना पड़ रहा था.

मोरेटोरियम अप्लाई नहीं करने वालों को भी मिलेगा लाभ
हाउसिंग लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन, एमएसएमई, एजुकेशन, क्रेडिट कार्ड बकाया, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन और कंजम्पशन लोन जैसे कुल आठ तरह के 2 करोड़ रुपये तक के लोनधारकों को इसका फायदा मिलेगा. इसके लिए 29 फरवरी तक के ब्याज दर के आधार पर गणना की जाएगी. सरकार यह रकम एकमुश्त तरीके से वापस करेगी और एक अनुमान के अनुसार इस पर केंद्र सरकार के करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं.

इस स्कीम के तहत बैंक पात्र कर्जदारों को कैशबैक देंगे और वह पैसा सरकार बैंकों को देगी, यानी सरकार खर्च उठाएगी. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, मोरेटोरियम की 6 महीने की अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज में से साधारण ब्याज को घटाने पर जो राशि बनेगी, वही राशि कैशबैक के रूप में कर्जधारकों को दी जाएगी. जिन लोगों ने मोरेटोरियम का फायदा उठाया है, उन्हें भी चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर का अनुग्रह राशि के रूप में भुगतान होगा.

लाभ उठाने के लिए एक शर्त
इसके लिए शर्त यह रखी गई है लोन स्टैंडर्ड वर्ग के तहत वर्गीकृत होना चाहिए और वह गैर निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित नहीं होना चाहिए. इसके तहत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लोन पर भी यह लाभ मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आम लोगों के हित में यथाशीघ्र उन्हें राहत देने की योजना लागू करे.

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Yuvraj vyas

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