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घर के मुख्य दरवाजे पर कभी ना रखे ये चीज़, वरना हो जाओगे बर्बाद

घर में जूते-चप्पलों को सही दिशा में रखा जाना चाहिए, क्योंकि इनसे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर जाती है। इन्हें किस दिशा में और किस तरह रखा जाए, आइए जानते हैं वरिष्ठ वास्तुशास्त्री डॉ. ज्योतिवर्धन साहनी से

कई बार जाने-अनजाने हम जूते-चप्पलों को घर में सही जगह न रखकर अच्छे वास्तु को भी खराब कर लेते हैं। घर या अन्य बाहर से आने वाले लोग अपने जूते-चप्पलों के साथ नकारात्मक ऊर्जा घर में लेकर न आएं, इसलिए घर के मुख्य दरवाजे के बाहर जूते-चप्पलों की व्यवस्था को उचित माना गया है। 

ध्यान रखें, जूते की अलमारी मुख्य दरवाजे से 2-3 फुट की दूरी पर हो। यह भी ध्यान रहे, जूते की रैक या अलमारी में रखे जूते-चप्पल बाहर की ओर दिखते न रहें। इसमें दरवाजा लगा हो या स्लाइडिंग द्वार हो। मुख्य दरवाजे से ही गणेश-लक्ष्मी व अन्य शुभ ऊर्जा घर में प्रवेश करती है, इसलिए जूते-चप्पल ढके हों और ऊर्जा को घर में प्रवेश करने में कोई बाधा न हो।

जूते-चप्पल की अलमारी कभी भी घर में बने पूजा के कमरे और रसोई की दीवार से सटाकर नहीं रखें, वरना ये वास्तुदोष पैदा करते हैं। यदि खाना बनाते समय व खाना खाते समय भी जूते-चप्पल न पहने हों तो ये बहुत अच्छा रहता है। 

घर के पूर्व, उत्तर, ईशान या आग्नेय कोण में जूते-चप्पल की रैक या अलमारी कभी न बनाएं। अलमारी के लिए वायव्य यानी उत्तर-पश्चिम दिशा व नैऋत्य यानी दक्षिण-पश्चिम दिशा सही जगह है। घर में इन्हीं जगहों पर जूते-चप्पल की अलमारी/रैक बनाएं।   

घर में यदि जूते-चप्पल बिखरे हुए पड़े रहते हैं तो ये घर के सदस्यों में आपसी संबंध खराब करते हैं। इसलिए घर में सही दिशा में स्थान निर्धारित कर एक ही जगह पर जूते-चप्पल रखे होने चाहिए। 

अगर रहने का एक ही कमरा है तो ध्यान रखें कमरे की उत्तर या पूर्व की दीवार के पास जूते-चप्पल का संग्रह न करें। 

जिस अलमारी में आपका लॉकर है या पर्स है या धन संग्रह करते हैं, उस अलमारी के नीचे के खाने में जूते-चप्पल का रैक कभी न बनाएं, वरना लक्ष्मीजी रूठ जाएंगी व धन का नाश होना शुरू हो जाएगा। 

जिस बेड पर सोते हैं, उसके नीचे भी जूते-चप्पल इकट्ठे न होने दें, नहीं तो स्वास्थ्य में कमी के साथ-साथ आपसी संबंधों में भी खटास पैदा हो जाती है। 

कमरे की बालकनी पश्चिम या दक्षिण में है तो वहां जूते-चप्पल की अलमारी बनाना उचित रहेगा।

अगर जूते-चप्पल नए हैं और कुछ समय बाद पहनने हैं, उन्हें भी अपने बेड के बॉक्स में न रखें। 

कभी भी परीक्षा देते समय सफेद जूते नहीं पहनने चाहिए, वरना इससे मन की एकाग्रता नहीं बनती। 

शनि ग्रह पैरों के कारक हैं। जिन पर शनि का प्रकोप ज्यादा चल रहा हो तो व्यक्ति को शनिवार के दिन निर्धन, जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल पहनाने से शनि की कृपा प्राप्त होती है और स्वास्थ्य, धन और संबंधों में तुरंत प्रभाव से सुधार नजर आता है। 

जूते-चप्पल दान देने में आप नए खरीदकर भी दे सकते हैं और अपनी अलमारी में से पुराने 

फैशन के जूते-चप्पल जो अब आप नहीं पहनते हैं, उनको भी दान दे सकते हैं। 

यह भी ध्यान रखना है कि जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसर पर आप मित्रों व रिश्तेदारों से कुछ भी उपहार ले सकते हैं, परंतु भूलकर भी कभी जूते उपहार में न लें, नहीं तो आर्थिक समस्या शुरू हो जाएगी।  

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Yuvraj vyas

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