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घर के आगे नहीं होने चाहिए ऐसे पौधे, भीख मांगने पर मजबूर कर देता

वास्तुरत्नावली ग्रंथ में बताया गया है कि घर के बाहर आसपास की चीजों का शुभ-अशुभ असर वहां पर रहने वाले लोगों पर पड़ता है। काशी के ज्योतिषाचार्य और वास्तु विशेषज्ञ पं. गणेश मिश्र का कहना है कि घर के आगे कांटेदार पौधे नहीं होना चाहिए। हालांकि शमी का पेड़ अशुभ नहीं माना गया है। घर के पास उंचा पेड़ हो तो उसकी छाया घर पर पड़ने से दोष लगता है। हालांकि दिन के दूसरे और तीसरे प्रहर में यानी सुबह करीब 9 से दोपहर 3 के बीच उस पेड़ की छाया घर पर नहीं पड़ती हो तो उसका दोष नहीं लगता।

पं. मिश्र बताते हैं कि घर में देहली का हाेना जरूरी है। देहली यानी जो देह का ताप लील जाए उसे देहली कहा जाता है। हालांकि आजकल ज्यादातर घरों में देहली नहीं होती। उन घरों में रहने वाले लोगों की बीमारियों की एक वजह ये भी होती है। इसलिए ग्रंथों में बताया गया है कि घर का मुख्यद्वार रोड से उंचा होना चाहिए। अगर मुख्यद्वार रोड से नीचा हो तो उस घर में रहने वाले लोग शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान रहते हैं।

जानिए घर के आसपास कौनसी चीजें नहीं होनी चाहिए

कांटेदार पौधे – कांटेदार पौधे घर के आगे होते हैं तो आपके दुश्मन बढ़ने लगते हैं। इनके प्रभाव से पार‌िवार‌िक जीवन में मतभेद भी बढ़ने लगते हैं और घर के लोगों की सेहत खराब रहती है।

पत्थरों का ढेर – घर के आगे पत्‍थरों का जमा होना भी वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार अनुकूल नहीं होता है इससे तरक्की की रफ्तार कम हो जाती है। व्यक्त‌ि को जीवन के हर क्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ता है।

कचरा पात्र – घर के आगे कूड़ेदान का होना वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार कष्टकारी होता है। इसके कारण घर में नकारात्मक उर्जा आती है। इसकी वजह से घर के लोगों का स्वभाव और उनकी सेहत खराब रहती है।

बड़ा पेड़ – वास्तु के अनुसार आपके घर से उंचा पेड़ आपके दुख बढ़ा सकता है। इसके कारण घर में लगातार परेशानियां बनी रहती है।

दूध वाले पौधे – घर के आगे दूध न‌िकलने वाले पौधे होने से उस घर में रहने वाले लोगों में विवाद होने लगते हैं। ऐसे घर में पैसा भी नहीं टिकता।

घर की देहली का नीचे होना – वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार घर की देहली ऊंची होनी चाहिए। इससे उस घर में बीमारियां नहीं आती। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि मुख्य द्वार से रोड ऊँची हो तो इससे वास्तु दोष होता है। इस दोष के कारण घर के सदस्यों की सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहता है।

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Yuvraj vyas

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