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कोरोना वायरस: दुनिया के तीन बड़े एजेंसीयों की भविष्यवाणी भारत के लिए क्यों है खतरे की घंटी

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कोरोना वायरस इन दिनों सारी दुनिया पर कहर बनकर टूटा हुआ है 11000 लोग अपनी जान गवा चुके हैं हजारों की संख्या में लोग इससे संक्रमित है कोरोना वायरस चीन से फेल कर पूरी दुनिया को अपना निशाना बनाए हुए हैं भारत में भी कोरोना वायरस का बहुत ज्यादा फर्क देखने को मिल रहा है इसके चलते भारत की अर्थव्यवस्था डगमगा सकती हैहालांकि, कुछ समय पहले ही Fitch, Moodys और S&P जैसी रेटिंग एजेंसीज ने भारत की GDP ग्रोथ को लेकर भविष्यवाणी की थी। ऐसे में इन एजेंसीज का अनुमान भारत के लिए क्यों खतरे की घंटी है, डालते हैं इस पर एक नजर।

1- Moody’s ने घटाई अपनी रेटिंग: रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस, ने भारत विकास दर का अनुमान घटा दिया है। मंदी से होने वाले खतरे को देखते हुए, मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 0.1 पॉइंट कम कर दिया है। पहले मूडीज की रेटिंग 5.4 थी। लेकिन कोरोना वायरस के माहमारी को देखते हुए अपनी रेटिंग 5.3 करदी है। मूडीज ने कहा है। कोरोना वायरस का असर भारत के अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जिसकी वजह से मूडीज ने रेंटिंग कम कर दी है।

2- फिच ने भी घटाई अपनी रेटिंग: फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) मूडीज की तरह फिच ने भी अपने GDP विकास दर का अनुमान दिया है। भारत की जीडीपी 2019 में 5.6 थी। लेकिन फिच ने 2020-21 की जीडीपी रेटिंग 5.1 कर दिया है। रेटिंग को कम करने का सबसे बड़ा कारण कोरोना वायरस है, इसके संक्रमण फैलने से अर्थव्यवस्था को चोट पहुंच रही है। रेटिंग एजेंसी का कहना है आने वाले हफ्तों में क्रोना बरस का असर बढ़ सकता है जिसके चलते अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है फिच का कहना है सप्लाई चैन में आए रुकावट से निवेश और एक्सपोर्ट में ज्यादा फर्क पड़ने की उम्मीद है।

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3- S&P ने घटाई रेटिंग: मूडीज और फिच की तरह S&P Global Ratings की रेटिंग भारत के लिए निराश करने वाली है। S&P की बात की जाए तो इनकी रेटिंग भारत के लिए पहले बहुत बढ़िया थी। इसी एजेंसी ने भारत को 2020 में 5.7 की रेटिंग दी थी। S&P का कहना है कि कोरोना वायरस के महामारी की वजह से पूरे दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा रही है। इसलिए एजेंसी ने भारत की रेटिंग 5.7 से घटाकर 5.2 कर दीया है।

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Yuvraj vyas

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