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किसान क्रेडिट कार्ड कैसे प्राप्त करें और केसीसी से जुड़े डेढ़ करोड़ किसानों को 1 अंक 35 लाख करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया

यदि आप अब तक किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं तो देर मत करिए, अभी तक आप कर रहे हैं। बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) से डेढ़ करोड़ किसानों को जोड़ा है और उनके लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये के रियायती ऋण मंजूर किए हैं। सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के इस अभियान से न सिर्फ किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा। हमारे देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी इस मुहिम की विशेष भूमिका होगी। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना बेहद आसान है। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ उठा रहे हैं तो यह आपके लिए और बहुत आसान है।

अगर आवेदन करना है तो यह प्रक्रिया है

आधिकारिक साइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं और यहां किसान क्रेडिट कार्ड का फॉर्म डाउनलोड करें। इस फॉर्म को आपको अपनी जमीन के दस्तावेज, फसल की डिटेल के साथ भरना होगा। यह जानकारी भी देनी होगी कि आपने किसी अन्य बैंक या शाखा से कोई और किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है। आवेदन भरकर भेजें करें, जिसके बाद संबंधित बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड आपको मिल जाएगा।

केसीसी के लिए आवश्यक दस्तावेज

आईडी प्रूफ के लिए: वोटर आईडी कार्ड / पैन कार्ड / पास / आधार कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस आदि।
पता प्रूफ: वोटर आईडी कार्ड / पास / आधार कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस आदि।

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बता दें कि वित्त मंत्रालय ने कोविद -19 परिस्थिति के दौरान भर आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इस योजना से 2.5 करोड़ किसानों को जोड़ने की घोषणा की थी। इसकी वजह संकट की घड़ी में किसानों को उनकी वित्तीय जरूरत पूरी करने में मदद करने और अर्थव्यवस्था में दो लाख करोड़ रुपये की ऋण सहायता डालने का रहा।

केसीसी योजना 1998 में शुरू की गई थी

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को आधिकारिक बयान में कहा, “बैंकों और अन्य संबद्ध पक्षों ने सही दिशा में किए गए निरंतर प्रयास कर सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए मछली पालकों, पशु पालकों सहित 1.5 करोड़ किसानों को केसीसी जारी करने की उपलब्धि हासिल की है। है। जारी किए गए सभी किसान क्रेडिट कार्डों के लिए खर्च की कुल सीमा 1.35 लाख करोड़ रुपये है। केसीसी योजना 1998 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए बिना किसी बाधा के समय पर ऋण उपलब्ध कराना था।

बहुत कम ब्याज है

भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को ब्याज पर दो प्रतिशत की आर्थिक सहायता देती है और समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को तीन प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट देती है। इस तरह केसीसी पर सालाना ब्याज दर चार प्रतिशत की आती है। सरकार ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाते हुए 2019 में केसीसी में ब्याज़ दर में आर्थिक सहायता का प्रावधान शामिल करते हुए इसका लाभ मिल उद्योग सहित पशुपालकों और मछ्ली पालकों को भी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। साथ ही बिना किसी आश्वासन के किए जाने वाले केसीसी ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1.60 लाख कर दिया है।

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Yuvraj vyas

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