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ऐसे पहचाने साइलंट हार्ट अटैक को, कोरोना संक्रमण के चलते बढ़ा हुआ है रिस्क

चिकित्सा जगत में हार्ट अटैक की समस्या को एमआई नाम से जाना जाता है। इसकी फुलफॉर्म होती है मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन (Myocardial Infarction)। हार्ट अटैक के लक्षण और उनकी पहचान के बारे में हममें से ज्यादातर लोगों को पता होता है। लेकिन जिस एक बात से हम लोग पूरी तरह अनजान होते हैं, वह है साइलंट हार्ट अटैक। क्योंकि इसके लक्षण आमतौर पर तो नजर नहीं आते हैं और जो लाइट सिंप्टम्स नजर आते हैं, उन्हें हममें से अधिकांश लोग समझ नहीं पाते हैं। इसलिए भी जान पर खतरा बन जाने की समस्या होती है। यहां जानें क्या होता है साइलंट हार्ट अटैक और इसकी पहचान कैसे कर सकते हैं…
दोनों के बीच का अंतर

हार्ट अटैक और साइलंट हार्ट अटैक के बीच का अंतर समझने के लिए जरूरी है कि आपको हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए। यदि आप इस बारे में नहीं जानते हैं तो इस स्टोरी के अंत में दिए गए लिंक पर क्लिक करके इस बारे में आसान भाषा में सभी जरूरी बातें समझ सकते हैं। आइए, यहां बात करते हैं साइलंट हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में…

क्या होता है साइलंट हार्ट अटैक?

साइलंट हार्ट अटैक में आमतौर पर सीने में उस तरह का तेज दर्द नहीं होता है, जैसा कि हार्ट अटैक के दौरान होता है। इसके साथ ही हो सकता है कि पेशंट को सांस लेने में किसी तरह की दिक्कत भी ना हो।

सीने में भारीपन, शरीर में कमजोरी और सीने पर जलन जैसे सामान्य लक्षणों के साथ भी आप साइलंट हार्ट अटैका का शिकार हो सकते हैं। इसलिए कहा जाता है कि सीने की जलन और भारीपन को कभी भी हल्के में लेकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जब भी इस तरह की समस्या हो तो अपनी मर्जी से या मेडिकल से लेकर यूं ही किसी दवाई का सेवन ना करें। बल्कि डॉक्टर के पास जाकर उनसे चेकअप के बाद ही कोई दवाई लें। सीने पर जलन होने पर जरूरी नहीं है कि आप हार्ट स्पेशलिस्ट के पास ही जाएं बल्कि आप फीजिशियन के पास भी जा सकते हैं।

साइलंट हार्ट अटैक और आलस लगना

आज के समय में खान-पान से जुड़ी लापरवाही और लेजी रुटीन की वजह से हमारे शरीर में रक्त का प्रवाह उतनी गति से नहीं हो पाता है, जितना कि होना चाहिए। इस कारण शरीर में ऊर्जा का उत्पादन भी कम होता है।

फिर यह चक्र घूमने लगता है यानी शरीर में कम ऊर्जा रहने पर हम आलस महसूस करेंगे और अधिक निष्क्रिय हो जाएंगे, इससे रक्त का प्रवाह और कम होगा। इस कारण कई बार नसों में रक्त का थक्का जमने की समस्या हो जाती है।

तो किसी व्यक्ति में हार्ट तक रक्त का संचार सही प्रकार से ना होने के कारण हृदय पर दबाव पड़ने लगता है और तब भी साइलंट हार्ट अटैक हो सकता है।

साइलंट हार्ट अटैक और एसिडिटी

खान-पान में बरती जा रही लापरवाही के कारण हमारे समाज में ऐसे लोगों की एक बड़ी आबादी है, जिसे अक्सर सीने और पेट में जलन की शिकायत हो जाती है। पेट की जलन को आप घरेलू नुस्खों से ट्रीट कर सकते हैं।

लेकिन सीने पर होनेवाली जलन को ठीक करने के लिए बेहतर रहता है कि आप डॉक्टर के सुझाव के बाद ही कोई दवाई लें। क्योंकि सीने पर जलन होने की समस्या पेट में जलन की समस्या जितनी सामान्य नहीं है। अगर आप बार-बार इस समस्या से पीड़ित हो रहे हैं तो आपको गंभीरता से इसका इलाज कराना चाहिए।

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Yuvraj vyas

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