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अमीर आदमी घर में कभी भी नहीं सोते इस दिशा में, आती है बर्बादी

वास्तु में दिशाओं का बहुत महत्व है. घर की दक्षिण दिशा की भूमि तुलनात्मक रूप से ऊंची होना चाहिए. इस दिशा की भूमि पर भार रखने से गृहस्वामी सुखी, समृद्ध और निरोगी होता है. घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में अग्निदेव का वास होता है. इसलिए वास्तु शास्त्र (Vastu Shashtra) में इस कोने को आग्नेय कोण कहा गया है.

दक्षिण-पूर्व (Southeast) दिशा में पकाया गया भोजन सेहत के लिए अच्छा होता है. जिससे उस घर में रहने वाले लोगों की उम्र बढ़ती है. ज्योतिष के बृहत्संहिता ग्रंथ में बताया गया है कि इस दिशा में किचन (Vastu Shastra for kitchen) होने से उस घर में रहने वाले लोग आर्थिक रूप से समृद्ध होते हैं. आइए जानते हैं दक्षिण-पूर्व दिशा से जुड़ी खास बातें…

> घर का मुख्य द्वार दक्षिण पूर्व कोने में होना चाहिए. दक्षिण-पश्चिम में मुख्य द्वार बिल्कुल नहीं होना चाहिए.

> दम्पतियों को दक्षिण-पूर्व में बने कमरे में नहीं सोना चाहिए, इससे वाद-विवाद बढ़ते हैं.

> दक्षिण-पूर्व में बने कमरों को हल्के क्रीम और हरे रंग से पेंट करना चाहिए.

> आग्नेय कोण होने के कारण इस दिशा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखने चाहिए.

> दक्षिण-पूर्व दिशा में कामधेनु गाय की मूर्ति रखने से धन आता है.

> खरगोश के जोड़े की मूर्ति रखने से भी बहुत फायदा होगा है. साथ ही चिंता कम होती है.

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Yuvraj vyas

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