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अब चीन की ‘डेट ट्रैप डिप्लोमेसी’ का शिकार बना यह देश, गंवाई हिस्सेदारी

बीजिंग: कर्ज देकर गुलाम बनाने की चीनी साजिश से पूरी दुनिया वाकिफ है, इसके बावजूद कई देश उसके झांसे में आ जाते हैं. अब लाओस (Laos) भी बीजिंग की डेट ट्रैप डिप्लोमेसी (Debt-trap diplomacy) का शिकार बन गया है. लाओस पर चीन का इतना कर्ज है कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि इस संकट से कैसे बाहर निकले. 

चीन (China) इस बात को अच्छे से समझता है कि लाओस उसका कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए उसने सौदेबाजी शुरू कर दी है. जिसके तहत लाओस को अपना पावर ग्रिड चीनी कंपनी को सौंपना पड़ गया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पावर ग्रिड शेयरहोल्डिंग डील पर एक सितंबर को स्थानीय कंपनी और चीन की दक्षिणी पावर ग्रिड द्वारा हस्ताक्षर किये गए थे. इस डील के बाद पावर ग्रिड एक तरह से चीनी नियंत्रण में आ गई है. 

चीन की हिस्सेदारी 70%
चीन अपनी महत्वकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (Belt and Road Initiative -BRI) परियोजना के तहत पड़ोसी देश लाओस में 6 बिलियन डॉलर की लागत से हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को बनाने पर काम कर रहा है. इस ट्रैक पर पहली ट्रेन 2 दिसंबर, 2021 को लाओ राष्ट्रीय दिवस (Lao national day) पर राजधानी वियनतियाने (Vientiane) पहुंचेगी. इसी तारीख को 1975 में लाओस कम्युनिस्ट शासन के अंतर्गत आया था.

रेल प्रोजक्ट की कुल लागत का लगभग 60% धन एक्सपोर्ट इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना (Export-Import Bank of China) ने दिया है. जबकि, 40 फीसदी बजट चीन की तीन सरकारी कंपनियों (Chinese state-owned firms) के साझा उद्यम से मिला है. इस हिसाब से प्रोजक्ट में 70 फीसदी स्वामित्व चीन का है, जबकि लाओस को 30 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई है.

लोन डिफॉल्टर होने का खतरा
लाओस चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना का नया शिकार है. इस परियोजना के जरिये चीन पहले बड़े पैमाने पर कर्ज देता है और फिर कर्ज न चुका पाने की स्थिति में संबंधित देशों की संपत्तियों को अपने अधीन कर लेता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, सालाना बकाया कर्ज भुगतान की तुलना में लाओस का विदेशी मुद्रा भंडार 1 बिलियन डॉलर से भी नीचे पहुंच गया है. ऐसे में उसके सामने अब लोन डिफॉल्टर होने का खतरा मडरा रहा है. लाओस सरकार ने बीजिंग से कुछ और समयसीमा की मांग की है. 

मूडीज ने घटाई रेटिंग
मालूम हो कि जुलाई में वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody) ने लाओस की रेटिंग को B3 से Caa2 पर लाते हुए उसे एक जंक स्टेट (junk territory) घोषित कर दिया था. मूडीज ने कहा था कि लाओस इस समय गंभीर रूप से धन की कमी से जूझ रहा है. केवल लाओस ही नहीं दुनिया के तमाम देश चीन के जाल में फंसे हुए हैं. जिबुती, टोंगा, मालदीव, कॉन्गो, किर्गिस्तान, कंबोडिया, नाइजर, लाओस, जांबिया और मंगोलिया जैसे करीब दर्जन भर देशों को चीन ने उनकी GDP से 20% से ज्यादा कर्ज दिया है.

 

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Yuvraj vyas

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